खनन व भूतत्व मंत्री रामानंद यादव
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बिहार सरकार के खनन मंत्री रामानंद यादव ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के इस्तीफे की फर्जी खबर को ही सही मान लिया है। उनका कहना है कि हो सकता है कि सभी एमलसी के दबाव की वजह से केके पाठक को इस्तीफा देना पड़ा हो।
दरअसल, आरा में शुक्रवार को आरजेडी कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम का आयोजन एक निजी होटल में आयोजित हुआ। उसमें बिहार सरकार के खनन व भूतत्त्व मंत्री रामानंद यादव बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूरे भोजपुर जिले से आरजेडी कार्यकर्ता पहुंचे, जिनसे मौके पर मंत्री और अन्य अतिथियों ने संवाद किया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए खनन मंत्री ने एक के बाद एक कई सवालों का जवाब दिए।
मंत्री रामानंद ने शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव केके पाठक के इस्तीफे को लेकर कहा कि विधान पार्षदों के वेतन केके पाठक के द्वारा रोका गया था। जो कि उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था। हो सकता है कि उन सभी एमलसी के दबाव की वजह से केके पाठक को इस्तीफा देना पड़ा हो।
वहीं, मौजूं समय में राष्ट्रीय मुद्दा बन चुके राम मंदिर के उद्घाटन पर बिहार सरकार के मंत्री ने कहा कि बीजेपी राम को बेच रही है। जो राम सबके हैं, उन्हें जबरन बीजेपी खुद का बता रही है और अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम को हाईजैक कर रही है। भगवान का काम धर्मगुरु करते हैं, पंडित करते हैं। भगवान की प्राण प्रतिष्ठा को शंकराचार्य के द्वारा कराया जाता है, उनके नियम कानून से पूजा होती है। लेकिन यहां तो बीजेपी वाले खुद ये सब करने में लगे हैं और इसका विरोध सारे संत-महात्मा कर रहे हैं। वहीं, अक्षत वितरण को लेकर रामानंद यादव ने कहा कि यह पॉलिटिकल फायदे के लिए अक्षत क्या वे कुछ भी बांट सकते हैं।
इसके अलावा मंत्री ने खुद के मंत्रालय से संबंधित बालू खनन पर कहा कि किसी भी जगह अगर अवैध बालू खनन होता है तो फोन के माध्यम से ऑफिस आकर या आवेदन देकर कैसे भी हमें सूचना दें। हम उस पर कार्रवाई करवाएंगे।