पांच सौ साल के लंबे इंतजार के बाद राममंदिर के उद्घाटन की बेला में रामभक्त अपनी भागीदारी के लिए आतुर हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले अतिथियों के स्वागत-सम्मान के लिए संघ के पांच हजार कार्यकर्ता पलक पावड़े बिछाए इंतजार करते नजर आएंगे। रामदूत की भूमिका में ये कार्यकर्ता अतिथियों को सीमा पर रिसीव करने के साथ ही उनके स्वागत सम्मान, निवास, भोजन, जलपान, दर्शन-पूजन आदि की व्यवस्था संभालेंगे। एयरपोर्ट से लेकर रेलवे स्टेशनों पर अतिथियों के स्वागत के लिए वहीं खड़े मिलेंगे। अतिथि देवो भव का संदेश देते हुए उनका स्वागत करेंगे। उन्हें उनके नियत स्थान पर पहुंचाएंगे। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में करीब सात हजार अतिथियों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आमंत्रित किया गया है। इनमें चार हजार साधु-संत व 2500 से अधिक समाज के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल होंगी।
एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन पर लगाए जाएंगे 95 कार्यकर्ता
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन, गोंडा रेलवे स्टेशन समेत लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर व अयोध्या एयरपोर्ट पर जहां भी अतिथि उतरेंगे, उनकी अगवानी के लिए संघ के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। यहां से अतिथियों को रिसीव कर उनके निवास स्थान तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 95 कार्यकर्ता व 55 गाड़ियां लगाई जाएंगी
600 चिकित्सक देंगे सेवा
अतिथियों व रामभक्तों की सेवा के लिए 600 चिकित्सक भी लगाए जा रहे हैं। टाटा मेमोरियल मुंबई, अपोलो सहित कुछ प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सक आ रहे हैं, जो तीन दिन सेवा देंगे। इनके साथ स्थानीय पैरामेडिकल के बच्चे लगाए जाएंगे। 22 विशेषज्ञ चिकित्सकों को लगाया गया है। आयुष मंत्रालय की ओर से दवाइयां भेजी जा रही हैं। होम्योपैथिक, ऐलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवाओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता होगी।
भोजनालय व स्वच्छता में लगेंगे 600 कार्यकर्ता
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर 42 स्थानों पर लंगर की व्यवस्था की जा रही है। पत्तल लगाने, उठाने, स्वच्छता से लेकर भोजन परोसने आदि के लिए संघ के 600 कार्यकर्ताओं की टीम लगाई जाएगी। हर भोजनालय में पांच-पांच लोगों को लगाया जाएगा। जहां-जहां ट्रस्ट की ओर से टेंट सिटी बनाई गई है, वहां करीब तीन सौ कार्यकर्ताओं को लगाया जा रहा है।
संतों को रोकने के लिए 53 आश्रम चिह्नित
साधु-संतों के स्वागत सम्मान की व्यवस्था के लिए विहिप के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी को लगाया गया है। संतों व उनके साथ आने वाले शिष्याें के निवास, भोजन, जलपान की व्यवस्था इनके निर्देशन में होगी। बड़ी संख्या में संतों को बाग बिजेसी स्थित टेंट सिटी में रोका जाएगा। इसके अलावा राममंदिर के आस-पास स्थित 53 आश्रम चिह्नित किए गए हैं, जहां संतों के निवास व भोजन की व्यवस्था की गई है। इस कार्य में करीब दो सौ कार्यकर्ता लगाए गए हैं।
प्रचारक संभालेंगे राम जन्मभूमि की व्यवस्था
विभिन्न प्रांतों के सह प्रचारक भी संतों के लिए लगाए गए हैं। राम जन्मभूमि पथ से इन्हें राम जन्मभूमि परिसर तक पहुंचाना, अतिथियों को प्रसाद वितरण, कार्यक्रम के बाद रामलला के दर्शन की व्यवस्था कराने के लिए 50 लोगों की टीम लगाई जाएगी। इस टीम में संघ के गोरक्ष, काशी, अवध, कानपुर प्रांत के सह प्रचारक भी शामिल होंगे। संतों की चरणपादुका रखने के लिए करीब 20 कार्यकर्ताओं की टीम रहेगी।
निमंत्रण कार्ड से नहीं मिलेगा प्रवेश, जारी हो रहा पास
अयोध्या। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले अतिथियों को निमंत्रण कार्ड से प्रवेश नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए अलग से क्यूआर कोड से लैस पास दिया जाएगा। इस पास में किस मार्ग से प्रवेश करना है, कहां पार्किंग है, किस ब्लॉक में बैठना सभी अंकित रहेगा। इस पर क्यूआर कोड अंकित रहेगा। राम जन्मभूमि पथ पर पहुंचते ही क्यूआर कोड की जांच की जाएगी, फिर प्रवेश मिलेगा। इससे यह भी पता चलेगा कि किस अतिथि ने कितने बजे परिसर में प्रवेश किया है। जो पास दिया जा रहा है, उसमें सारी जरूरी जानकारियां दी गई हैं। एक कार्ड में एक ही व्यक्ति को राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश मिलेगा। अतिथियों को टेंट सिटी व आश्रम से राम जन्मभूमि परिसर पहुंचाने के लिए करीब 120 बस व इलेक्ट्रिक वाहन भी लगाए जाएंगे।
अतिथियों के लिए बन रहे 22 ब्लॉक
राम जन्मभूमि परिसर में अतिथियों के बैठने के लिए करीब 22 ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। ब्लॉक वार ही अतिथियों के बैठने की व्यवस्था होगी। हर ब्लॉक में राममंदिर ट्रस्ट की ओर से दो से तीन कार्यकर्ता लगाए जाएंगे। जो अतिथियों के बैठने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। एक ब्लॉक में करीब तीन सौ लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।