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Bihar : नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस विधायक हैदराबाद पहुंचे; तेलंगाना पहुंचने की वजह यह बताई

Sun, 04 Feb 2024 08:19 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Politics: नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले हैदराबाद में रविवार को अचानक बिहार कांग्रेस के विधायक शमाशाबाद हवाईअड्डे पर पहुंच गए। बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने सिर्फ नए मुख्यमंत्री को बधाई देने की बात बता दी।
 
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हैदराबाद पहुंचे बिहार कांग्रेस के विधायक - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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झारखंड की तरह की बिहार कांग्रेस के भी विधायकों के टूटने की आशंका है। जैसे झारखंड के अपने विधायकों को कांग्रेस आलाकमान ने अपनी पार्टी की सरकार वाले राज्य तेलंगाना भेजा था, उसी तर्ज पर बिहार के एमएलए भी हैदराबाद भेज दिए गए हैं। इनमें से ज्यादातर को दिल्ली में अचानक बताया गया कि वह हैदराबाद जा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह के अनुसार, तेलंगाना में कांग्रेस की नई सरकार बनी है तो बधाई देने के लिए बिहार की टीम आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह 11 फरवरी तक वहीं रहेंगे। बिहार में 28 जनवरी को उलटफेर के बाद भारतीय जनता पार्टी के साथ जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई सरकार का गठन किया था। इस सरकार को 12 फरवरी को बिहार विधानसभा में बहुमत साबित करना है। 

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बिहार में राजनीतिक उठापटक की आशंका 
रविवार की शाम बिहार कांग्रेस विधायकों का जत्था अचानक हैदराबाद के शमशाबाद हवाईअड्डे उतरा। मीडिया के सवालों पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह सीधा जवाब दिया कि यहां हमारी पार्टी की नई सरकार बनी है, इसलिए हम सभी यहां पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उन्हें बधाई देंगे। बिहार कांग्रेस के 19 में से 16 विधायक हैदराबाद में उतरे और यहां फोटो सेशन भी कराया। अखिलेश सिंह भले कह रहे कि वहां के सीएम को बधाई देने पहुंचे हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बहुमत परीक्षण के दिन कांग्रेस के विधायकों को एकजुट रखने के उद्देश्य से वहां गए हैं। अखिलेश सिंह ने कहा कि बाकी तीन विधायक भी आ जाएंगे। 

क्या है बिहार विधानसभा का गणित, यह जानें
बिहार में कांग्रेस के 19 विधायक हैं। यह विधायक महागठबंधन में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के 79 विधायकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। इन दोनों दलों के अलावा, वामपंथी दलों के कुल 16 विधायक भी महागठबंधन के साथ हैं। इसके अलावा सत्ता से दूर इकलौते विधायक असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के हैं। यह सत्ता के साथ भी नहीं हैं। मतलब, बिहार में महागठबंधन के पास 114 विधायक हैं, वैसे विपक्ष के रूप में उसकी अधिकतम ताकत 115 हो रही है। भाजपा के कथित ऑपरेशन लोटस के डर से कांग्रेस के विधायकों को हैदराबाद भेजे जाने की जानकारी सामने आ रही है। अगर यह विधायक 11 फरवरी की शाम के पहले पटना नहीं लौटे तो यह पक्का हो जाएगा।
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