भाजपा की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले की गुत्थी अब सुलझती जा रही है। एनआईए ने इस मामले में एक और संदिग्ध उज्जैर अहमद को रांची से गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के लिए कुछ और लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने धमाकों के मामले की जांच एनआईए से कराने का फैसला किया है।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है कि इस घटना की जांच एनआईए से कराई जाए। नीतीश ने शिंदे से मिलकर अनुरोध किया कि पटना बम विस्फोट के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाए।
रांची पुलिस के मदद से एनआईए की टीम ने उज्जैर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस इम्तियाज अंसारी और तौसीम को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक छह अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इनमें बिहार के पूर्वी चंपारण के अलौली गांव से हिरासत में लिया गया अरशद अहमद भी शामिल है। सूत्रों ने बताया कि अरशद का फोन नंबर इम्तियाज के मोबाइल में था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
वहीं, बम प्लांट करने के दौरान घायल हुए एनुल उर्फ तारिक की हालत गंभीर बनी हुई है। बम से निकले छर्रे उसके दिमाग में घुस गए हैं। उसे जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। उसके बचने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। एनआईए का मानना है कि तारिक से अहम जानकारी हासिल हो सकती थी।