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पटना धमाके: एक और संदिग्ध हिरासत में

Wed, 30 Oct 2013 01:24 PM IST
मनीष शांडिल्य
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बिहार की राजधानी पटना में हुए बम धमाकों के सिलसिले में पूर्वी चंपारण की पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पटना पुलिस के हवाले किया है।
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पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार ने बताया कि कल्याणपुर थाने के अंतर्गत अलोला गांव से अरशद नाम के एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पटना पुलिस को सौंपा गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पटना में गिरफ्तार किए गए एक संदिग्ध इम्तियाज के कॉल डिटेल में अरशद का नंबर पाया गया था।

इस बीच गांधी मैदान में बुधवार को भाकपा (माले) की होने वाली खबरदार रैली अब वीरचंद पटेल पथ पर होगी।

इस संबंध में पार्टी के राज्य कार्यालय सचिव कुमार परवेज ने बताया, "मंगलवार को देर शाम पटना के जिलाधिकारी और सिटी एसपी के साथ राज्य सचिव कुणाल के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई जिसमें अधिकारियों ने गांधी मैदान के असुरक्षित होने के बारे में बताया। ऐसे में रैली का स्थान बदलने का जिला प्रशासन का प्रस्ताव पार्टी ने कुछ शर्तों के साथ मान लिया।"
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पार्टी की ओर से बताया गया है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पार्टी के लगभग एक हजार कार्यकर्ता चौकसी करेंगे।

बम बरामद
उधर पटना में श्रृंखलाबद्ध विस्फोट के बाद तीसरे दिन मंगलवार को भी पुलिस ने तीन बम बरामद किए। ये बम गांधी मैदान से तब मिले जब मंगलवार सुबह को पटना पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ मैदान की जांच शुरू की थी।

यह जांच खासतौर पर बुधवार को आयोजित होने वाली भाकपा (माले) की खबरदार रैली के मद्देनजर गांधी मैदान को सुरक्षित करने के उद्देश्य से की जा रही थी। मंगलवार को जांच अंधेरा घिरने तक चलती रही।

पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सभी बम में टाइमर लगे थे और सभी को निष्क्रिय कर दिया गया है।

पहला बम गांधी मैदान के उत्तरी छोर पर पुलिस सूचना कक्ष के नजदीक मौजूद कचरे के ढेर से बरामद किया गया जबकि एक बम मगध महिला कॉलेज वाले छोर के पास मिला। तीसरा बम इन दोनों स्थानों के बीच रखा हुआ था।
चार जिंदा बम

गौरतलब है कि धमाकों के बाद रविवार और सोमवार को पटना पुलिस ने गांधी मैदान को सील कर उसकी जांच की थी। रविवार को चार जिंदा बम मिले थे। जबकि सोमवार की जांच के दौरान कोई बम नहीं मिला था।

फिर से बम मिलने की घटना से जहां एक ओर शहर की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वहीं इसने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता पर भी कई सवाल खडे कर दिए हैं।

रविवार को हुए विस्फोट में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों में से एक समर आलम को सोमवार रात को मुख्यमंत्री के निर्देश पर एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया। रविवार के धमाकों के चपेट में आने से समर की नस कट गई थी और उनकी दिन देर रात वैसकुलर सर्जरी की गई थी।

केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी मंगलवार को एनआईए के महानिदेशक शरद कुमार के साथ श्रृंखलाबद्ध विस्फोट मामले की समीक्षा करने पटना आए और राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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इस बीच, राज्य पुलिस मुख्यालय ने सूबे के सभी जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे आईईडी से संचालित बमों के बारे में आम लोगों को विभिन्न तरीकों से जागरूक करें।
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