मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक छोटे लोगों से कर्ज तो वसूल लेते हैं लेकिन उन ताकतवर लोगों का क्या जो लोन लेकर गायब हो जाते हैं। यह आश्चर्यजनक है कि उच्च अधिकारी भी इससे बेखबर रहते हैं।
बैंकिंग सिस्टम में सुधार की जरूरत है। मैं आलोचना नहीं कर रहा हूं पर मैं चिंतित हूं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में बैंक बड़ी भूमिका निभाते हैं। अब बैंकों का काम केवल जमा, निकासी या लोन देना ही नहीं रह गया है बल्कि एक-एक योजना के लिए बैंकों की भूमिका भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों में कर्ज लेने की आदत ज्यादा नहीं है, जो लेना भी चाहते हैं तो उसके लिए बैंकों ने कड़े मापदंड तय कर रखें हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए जो धनराशि सरकार मुहैया करवाती है, उसके सही आवंटन के लिए बैंकों को सिस्टम मजबूत करना होगा। ऊपर से नीचे तक हर चीज को देखना होगा। इससे बैंकों की भूमिका दिन प्रतिदिन बढ़ेगी।