बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यूपी में हुए अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने योगी सरकार से पूछा कि अपराधियों के सफाया का क्या मतलब है। उनको मार दीजिएगा ? यह कोई तरीका है। इसका मतलब जो जेल जाएगा तो उसे मार दीजिएगा? ऐसा कोई नियम है। यह तो कोर्ट न तय करती है कि उसे क्या सजा देनी है। अगर कोई जेल से निकलेगा और कोई बीमार हो गया तो उसको मार दीजिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसा कोई कैसे कर सकता है। रास्ते में मौत हो जाना बेहद बड़ी बात है। यह निश्चित तौर पर कानून व्यवस्था पर सवाल है। यह सुरक्षा में बड़ी चूक ही है।
तेजस्वी यादव बोले- यूपी में कानून का जनाजा निकला है
बता दें कि अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या के बाद बिहार में सियायत गरम है। महागठबंधन की सभी पार्टियों के नेता लगातार मोदी और योगी सरकार पर हमला बोल रहे हैं। सोमवार सुबह ही दिल्ली से पटना लौटने पर मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि इस देश में प्रधानमंत्री के हत्यारों पर ट्रायल चला। हत्यारों को सजा भी मिली लेकिन यूपी में जो हुआ, यह
अतीक जी का जनाजा नहीं बल्कि कानून का जनाजा निकला है। पुलिस कस्टडी में अगर सबसे ज्यादा हत्या हुई है। यूपी में हुआ है और यह सस्ती लोकप्रियता को देखते हुए यह काम किया गया है।
ललन सिंह बोले- यूपी में कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं
वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी इस मामले पर भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'यह एक प्रायोजित कार्यक्रम है। या फिर यूपी में कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं। आखिर यूपी में कानून व्यवस्था का राज कहां हैं? उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज दिखता है। उनके इस बयान के बाद बिहार भाजपा ने पटलवार किया था। भाजपा के पूर्व मंत्री नीरज बबलू ने कहा था कि यूपी में अपराधियों का सफाया हो रहा है। योगी मॉडल की पूरे देश में चर्चा हो रही। अपराधियों में डर का माहौल कायम हो चुका हैं। नीतीश सरकार को भी बिहार में योगी मॉडल लागू करना चाहिए।