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चुनाव से पहले बिहार के शिक्षकों को नीतीश ने दिया बड़ा तोहफा

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बिहार विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सौगातों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने नियोजित शिक्षकों को वेतनमान देने और आम आदमी को शिकायतों के निवारण का कानूनी अधिकार देने के साथ डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा में भी दो साल का इजाफा कर दिया है।
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नीतीश ने सोमवार को अपनी सरकार के 10 वर्षों के कामों का रिपोर्ट कार्ड जारी करने के अवसर पर इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से नियोजित सभी प्रशिक्षित/अप्रशिक्षित, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्षों को एक जुलाई, 2015 के प्रभाव से वेतनमान दिया जाएगा।

प्राथमिक से उच्च माध्यमिक शिक्षकों को 5200-20200 का वेतनमान मिलेगा। वेतनमान के साथ 113 फीसदी महंगाई भत्ता और 2000 से 2800 तक का ग्रेड पे, 200 रुपये मेडिकल और एचआरए भी मिलेगा।
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बिहार के लोगों को मिलेगा शिकायत का कानूनी अधिकार

बता दें कि बिहार में यह एक बड़ा मुद्दा था। 8 मार्च, 2013 को तत्कालीन वित्त मंत्री सुशील मोदी ने तो इस मसले पर यहां तक कह दिया था कि भगवान भी नियोजित शिक्षकों को वेतनमान नहीं दे सकता है।

मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही राज्य में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा भी 65 से बढ़ाकर 67 करने का ऐलान किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य के पत्रकारों के लिए पेंशन योजना को भी एक अगस्त, 2015 से लागू करने की घोषणा की है।

नीतीश ने बताया कि बिहार में लोकसेवा अधिकार कानून बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार ऐसा पहला राज्य होगा जहां लोगों को शिकायत करने का कानूनी अधिकार होगा और इसके लिए लोक शिकायत कानून अधिनियम सरकार अगले सत्र में लाया जाएगा।

उन्होंने किसान सलाहकार के मानदेय में दो हजार जबकि टोला सेवक और शिक्षा स्वयंसेवी के मानदेय में तीन हजार रुपये की वृद्धि करने की भी घोषणा की। इसके अलावा नीतीश ने शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी कई घोषणाएं की।
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