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मिठाई चोरी अपराध कैसे?: कोर्ट ने महिला से पूछा सवाल, फिर नसीहत दी और किशोर को रिहा किया

Sat, 25 Sep 2021 05:34 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नालंदा।

सार

आरोपी किशोर को रिहा करते हुए कोर्ट ने महिला से यह भी पूछा कि आपका बच्चा मिठाई चुराता तो पुलिस को सौंपतीं? साथ ही पुलिस को चेतावनी दी कि मामूली अपराधों में किशोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने से बचें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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माखन चोरी बाल लीला है तो मिठाई चोरी अपराध कैसे? इस टिप्पणी के साथ अदालत ने मिठाई चोरी के मुकदमे से किशोर को बरी कर दिया है। साथ ही पुलिस को चेतावनी दी, छोटे-मोटे अपराधों में किशोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने से बचें व उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें। जज ने केस दर्ज कराने वाली महिला को भी बच्चों के प्रति सहिष्णु और सहनशील बनने की नसीहत देते हुए सवाल किया, उसका अपना बेटा अगर मिठाई, पैसे, मोबाइल चुराता तो वह क्या उसे भी पुलिस को सौंप देती, या फिर उसे समझाती?

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सरकारी मदद का आदेश
किशोर की दास्तां सुनकर जज ने आरा की जिला बाल संरक्षण इकाई को बच्चे को देखभाल योजना से लाभ दिलाकर अपराध से रोकने का निर्देश दिया है।

मामी के घर फ्रिज से खा ली थी मिठाई
आरा निवासी किशोर हरनौत ब्लॉक के गांव में ननिहाल आया हुआ था। उसके खिलाफ पड़ोसी मामी के घर से मिठाई चुराने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान किशोर से पूछा गया, तो वह रो पड़ा। उसके अधिवक्ता ने बताया, किशोर के माता-पिता बीमार हैं। आमदनी का कोई साधन नहीं है। किशोर भूखा था, इसलिए पड़ोस की मामी के घर जाकर फ्रिज में रखी मिठाई खा ली व वहीं रखे मोबाइल पर गेम खेलने लगा।

श्रीकृष्ण का उदाहरण
भगवान श्रीकृष्ण द्वारा माखन चुराने की बात कही गई हैं। इसे हमारी संस्कृति में भगवान की बाल लीला बताई गई है। वहीं, आज किशोर को भूख के कारण मिठाई चुराने को अपराध माना जाता है, यह कैसे हो सकता है। - मानवेंद्र मिश्रा, प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद

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