लोकसभा चुनाव में हथियार और शराब के दुरुपयोग पर पाबंदी लगाने के लिए रेल पुलिस अलर्ट पर है। इस दिशा में अब विशेष अभियान शुरू हो गया है। अपराधी रेलवे को सेफ रूट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और बिहार के सीमावर्ती राज्य यूपी, बंगाल, झारखंड और पड़ोसी देश नेपाल से हथियार और शराब की खेप बिहार के विभिन्न जिलों में पहुंचाई जा रही है। इसका इस्तेमाल वोट को प्रभावित करने के लिए किया जाता है।
दरअसल, मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्रवाई में बीते दिनों रेल से AK-47 जैसे घातक हथियार के पार्ट्स बरामद हुए थे। इस मामले में तीन लोगों को पकड़ा गया था और इसमें तीन लोग मुजफ्फरपुर, वैशाली जिले के पकड़े गए थे। खुलासा हुआ है कि तस्कर AK-47 जैसे घातक हथियारों को मुजफ्फरपुर, वैशाली, हाजीपुर और सीतामढ़ी जैसे लोकसभा चुनाव क्षेत्र में किया जा सकता था। इसके बाद जिला पुलिस की टीम के साथ रेल पुलिस की टीम भी अपने स्तर से अलर्ट पर आ गया है।
रेल क्षेत्र मुजफ्फरपुर के एसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि रेल पुलिस की GRP और RPF के साथ अलग से बनाई गई विशेष टीम इस दिशा में लगातार काम कर रही है। खासकर शराब और हथियार को लेकर बॉर्डर एरिया जिसमें नेपाल के अलावा बिहार से लगती हुई सीमा पर विशेष नजर रखी जा रही है। चुनाव को लेकर एटीएस की भी मदद से रेगुलर एक्सरसाइज किया जा रहा है। हर आने जाने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ-साथ ही आम यात्री से भी लगातार अपील किया जा रहा है और कोई भी जानकारी निश्चित रूप से रेल की पुलिस को दे। पूरे रेल क्षेत्र में इस दिशा में लगातार कार्रवाई किया जा रहा है और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।