फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Crime: ड्रोन से हुआ शराब तस्करों का भंडाफोड़, इस कारनामे से उत्पाद विभाग हैरान; झाड़ी में की गई थी कोडिंग

Wed, 24 Jul 2024 07:28 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि ड्रोन के जरिए जानकारी मिली कि शराब को तालाब के पास छिपाया गया था। लेकिन वहां तक पहुंच सकना मुश्किल था, जिसके बाद नाव का सहारा लिया और फिर जाकर देखा तो पता चला कि शराब को अंदर छिपा रखा है।
विज्ञापन
ड्रोन के जरिए पकड़ी गई शराब की बड़ी खेप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शराबबंदी वाले बिहार में शराब माफिया डाल-डाल और पुलिस पात-पात की राह पर चल रही है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र का है। जहां शराब माफिया ने पुलिस और उत्पाद विभाग से बचने के लिए तालाब को अपना ठिकाना बनाया था, लेकिन उत्पाद विभाग के ड्रोन ने शराब तस्कर के मंसूबों को नाकाम कर दिया। उत्पाद विभाग टीम ने तालाब में जाकर जब पास की एक झाड़ी को देखा तो हैरान रह गए। इस दौरान टीम ने लाखों की कीमत की शराब की खेप बरामद की है। वहीं, छापामारी की भनक लगने के बाद शराब तस्कर मौके से फरार हो गए। यह जानकारी उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त विजय शेखर दुबे ने दी है।

विज्ञापन

 
करजा थाना क्षेत्र के बड़कागांव में पकड़ी गई शराब की खेप को लेकर बताया गया है कि शराब के धंधेबाज ने इसको स्टोर करने के लिए तालाब को चुना। फिर पास में लगी हुई झाड़ी में एक कोडिंग कर दी, ताकि शराब की जरूरत होने पर इसको डिलीवर किया जा सके। इसमें की अलग-अलग कोडिंग की गई थी। यही नहीं बल्कि उसको लाने के लिए शराब के धंधेबाज नाव का इस्तेमाल करते थे। खुद उत्पाद विभाग की टीम ने शराब माफियाओं की रखी हुई नाव को पकड़ा है, जिसमें अलग-अलग ब्रांड की कीमती शराब की खेप बरामद की गई है। वहीं, शराब के धंधेबाजों को चिह्नित किया जा रहा है।
 
शराब के धंधेबाजों ने शराब पकड़ी न जाए इसके लिए नाव लेकर रखते थे। फिर जरूरत के हिसाब से इसे शराब के शौकीन लोगों को परोसने का काम करते थे। खुद शराब माफियाओं ने लगातार छापामारी के बाद से शराब पकड़ी न जाए इसलिए तालाब के पार में स्टोर प्वाइंट बना रखा था। इसके साथ ही डिलीवरी में इसको ढोने के लिए नाव रखते थे। आस-पास से पकड़े न जाएं, इसके लिए इसे अलग से कोड कर दिया करते थे।
विज्ञापन

 
मामले में उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त विजय शेखर दुबे ने बताया कि ड्रोन के जरिए जानकारी मिली कि शराब को तालाब के पास छिपाया गया था। लेकिन वहां तक पहुंच सकना मुश्किल था, जिसके बाद नाव का सहारा लिया और फिर जाकर देखा तो पता चला कि शराब को अंदर छिपा रखा है। उसके बाद मौके से शराब को जब्त किया गया है। जब्त शराब अरुणाचल प्रदेश निर्मित है। इसको लोकल डिलीवरी के लिए रखा गया था। उत्पाद विभाग टीम इस मामले में आगे की करवाई में जुटी हुई है और शराब के तस्करों की पहचान की जा रही है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें