बिहार में नई बिजली व्यवस्था प्री-पैड मीटर अब लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। मनमाने बिजली बिल को लेकर के बिजली विभाग बदनाम रहा है और यह अब एक बार फिर अपने कारनामे के कारण सुर्खियों में आ गया है। बीते दिनों मुजफ्फरपुर में मजदूर से लेकर एमआर तो सैलून दुकानदार को भी लाखों का बिल थमा दिया है। यही नहीं बल्कि किसी को 76 लाख तो किसी को 52 लाख तो 36 लाख तो अब 27 लाख का बिल भेजा।
अब ताजा मामला जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव का आया है। जहां पर बिजली विभाग ने सैलून संचालक विनय कुमार को 27 लाख 10 हजार 618 रुपये 36 पैसा का बिल भेजा है और इसके बाद से बिजली काट दिया गया। यही नहीं बल्कि यह बिल महज 15 दिनों का है और इसके बाद से विनय कुमार व उनका परिवार परिवार के होश उड़े हुए है। इस बाबत तीन दिन पहले बिजली विभाग के अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। लेकिन जेई ने सुधार का भरोसा दिया गया है और जबकि उसके यहां 3112 रुपये 89 पैसा बिजली विभाग का पिछला बकाया है। दो दिन बिजली ऑफिस में अधिकारी से मिलने पर रामदयालु ऑफिस जाने को कहा गया।
वहां 27 जून को आवेदन दिया है, अभी तक बिजली कटी हुई है। विनय कुमार का पूरा परिवार सैलून की कमाई पर ही आश्रित है और बिजली बिल प्रत्येक महीना 200 से 500 रुपये के बीच आता था। वहीं, लगातार बिजली विभाग के इस गड़बड़ी और शिकायत को गंभीरता से विभाग ने लेना शुरू कर दिया है। इसको लेकर के प्रभारी विद्युत कार्यपालक अभियंता पूर्वी किशोर कुमार ने बताया कि बिजली बिल पूरी तरह गलत है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण बिल गलत हो गया है। बिल सुधार कर दिया जाएगा। इस संबध में बिल जेनरेट करने वाली एजेंसी सिक्योर को पत्राचार किया गया है। जल्द ही इस दिशा में काम कर सुधार कर दिया जाएगा।