एईएस के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
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सभी अस्पतालों को दिए गए निर्देश
AES को लेकर सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जीरो डेथ पॉलिसी के तहत काम किया जाएगा। इसके तहत सभी चिकित्सा प्रभारियों के साथ बैठक की गई है। स्वास्थ्य कर्मियों को फिर से AES से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी। गांवों में आंगनबाड़ी सहायिका, सेविका और एएनएम के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। AES के लक्षणों की जानकारी देने के लिए पोस्टर, पंपलेट और ऑडियो विजुअल माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज और पीएचसी में बेड रिजर्व
जिला स्वास्थ्य विभाग ने AES के संभावित मामलों को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में विशेष तैयारी की है। मुजफ्फरपुर के SKMCH में 100 बेड का विशेष PICU वार्ड तैयार किया गया है। सभी पीएचसी और सीएचसी में दो-दो ICU बेड रिजर्व किए गए हैं, ताकि गंभीर मामलों में मरीजों को तुरंत भर्ती कर इलाज किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अस्पतालों की स्थिति का जायजा ले रही है और स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।