बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सोमवार को 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शिक्षक प्रतिनिधियों का मतदान हो रहा है। इस महत्वपूर्ण चुनाव के लिए 14 जिलों में कुल 19 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, मोतिहारी, बेतिया, छपरा, दरभंगा और पटना जैसे जिलों में सुबह 10:30 बजे से 2:30 बजे तक मतदान होगा, जबकि गया, सीवान, नालंदा, कटिहार, सहरसा और भागलपुर में सुबह नौ बजे से एक बजे तक मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी।
मतदान प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
चुनाव में भाग लेने वाले शिक्षकों को पहचान पत्र और आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। इसके लिए विश्वविद्यालय या कॉलेज द्वारा जारी पहचान पत्रों का भी उपयोग किया जाएगा। मतदान से पहले ही रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसमें प्राचार्यों और पीजी कॉलेज विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया था कि वे सभी मतदाताओं को इस प्रक्रिया की जानकारी समय पर दें।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव का संकल्प
रजिस्ट्रार डॉ. अपराजिता कृष्णा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जिला प्रशासन का भी सहयोग मांगा गया है। कुल 2067 शिक्षक इस चुनाव में वोट डालेंगे, जिनमें पीजी विभाग के 96 वोटर, अंगीभूत कॉलेज के 558 वोटर और संबद्ध तथा तकनीकी कॉलेज के 1,313 वोटर शामिल हैं।
तीन कैटेगरी में 13 उम्मीदवार
सेनेट के 15 शिक्षक प्रतिनिधियों के चयन के लिए यह मतदान आयोजित किया जा रहा है। तीन कैटेगरी में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि दो का निर्विरोध चुना जाना तय है। मतदान प्रक्रिया के लिए कई कॉलेजों को केंद्र बनाया गया है, जैसे पीजी बॉटनी विभाग, एलएस कॉलेज, आरडीएस कॉलेज और एमडीडीएम कॉलेज। चुनाव के परिणाम बुधवार को घोषित किए जाएंगे।