ढाका अनुमंडलीय अस्पताल रहा बंद
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मोतिहारी के इतिहास में पहली बार ढाका अनुमंडलीय अस्पताल बीते दिन हुए बवाल के बाद शुक्रवार को बंद रखा गया है। अस्पताल की दीवार पर नोटिस लगाया गया है जिसमें साफ लिखा गया है कि अस्पताल में तोड़-फोड़ की वजह से अस्पताल बंद है। दरअसल, गुरुवार को शौचालय की टंकी की सेंटरिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस से चार लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़-फोड़ की थी।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ढाका अनुमंडलीय अस्पताल, एएनएम कॉलेज और एएनएम हॉस्टल सहित निजी नर्सिंग होम में जमकर तोड़फोड़ की गई थी। लोगों की गुस्साई भीड़ ने कई एम्बुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि खुद डीएम और एसपी को ढाका जाना पड़ा था। हंगामे के करीब तीन घंटे के बाद बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया जा सका था। लोगों द्वारा लगाए गए आरोप कि अस्पताल में ऑक्सीजन और डॉक्टर नहीं थे, इसकी तीन सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. श्रवण पासवान द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने ढाका अनुमंडलीय अस्पताल में जाकर मामले की जांच की। जांच में शामिल प्रभारी सिविल सर्जन ने उपद्रवियों से सवाल पूछा कि एएनएम स्कूल की छात्राओं की क्या गलती थी, जो वहां जाकर भीड़ ने तोड़-फोड़ की? साथ ही प्रभारी सिविल सर्जन ने उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत बताई। गौरतलब है कि अनुमंडलीय अस्पताल ढाका में प्रतिदिन कम से कम 100 लोग इलाज कराते हैं। इन इलाज कराने वालों में ज्यादा से ज्यादा लोग गरीब तबके के होते हैं, जिनको आज भी अनुमंडल अस्पताल परिसर में इलाज के लिए भटकना पड़ा।