पुलिस ने रेलवे ढाला से बरामद किया शव
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वैशाली जिले के औद्योगिक थानाक्षेत्र के 52 नंबर रेलवे ढाला पर तीन दिनों से लापता विनोद खन्ना (52) का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। शव की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान की। मृतक विनोद खन्ना जंदाहा गांव के निवासी थे और वर्तमान में औद्योगिक थानाक्षेत्र के वास्तु विहार फेस टू में किराए के मकान में रह रहे थे।
मृतक के परिजन रंजीत कुमार ने बताया कि विनोद खन्ना अपने गांव की जमीन बेचकर वास्तु विहार फेस टू में मकान खरीदने के लिए निकले थे। 14 अक्तूबर को दोपहर दो बजे वह अपने किराए के मकान से चेक लेकर निकले थे, लेकिन शाम पांच बजे के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। परिजनों ने उसी दिन उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट औद्योगिक थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बावजूद कोई सक्रिय कदम नहीं उठाया, जिससे उनकी हत्या हो गई।
परिजनों का दावा है कि मकान की खरीदारी से जुड़ी रकम के कारण उनकी हत्या की गई और शव को रेलवे ढाला पर फेंक दिया गया। विनोद खन्ना के पास से न तो चेक मिला और न ही मोबाइल, जो इस मामले में हत्या की आशंका को और मजबूत करता है। मृतक का परिवार गहरे सदमे में है। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं, जिनमें से बेटा रांची में पढ़ाई कर रहा है।
औद्योगिक थाना अध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत का लग रहा है। व्यक्ति तीन दिनों से लापता था और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आज उनका शव 52 नंबर रेलवे ढाला पर मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है और मामले की गहन जांच पड़ताल की जा रही है।