बिहार के बेतिया में अवैध नर्सिंग होम में आशा कर्मी ने झांसा देकर प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला का ऑपरेशन करा दिया। लेकिन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत हो गई। वहीं, घटना के बाद परिजन हंगामा कर रहे हैं। घटना बगहा पुलिस जिला के बगहा की है। जहां प्रसूता की मौत के बाद बवाल मचा है। वहीं, संचालक अपना अवैध निजी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। मृतका की पहचान नगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 की पवरिया टोला गांव निवासी मोहम्मद रहमत की पत्नी कमरुल नेशा (25) के रूप में की गई है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल और यूपी सीमा पर स्थित बेतिया गोरखपुर मुख्य सड़क एनएच 727 किनारे बगहा शहर के बीचों-बीच नगर थाना और अनुमंडल अस्पताल के करीब सूरज हॉस्पिटल व बालाजी ट्रामा सेंटर नामक निजी अस्पताल संचालित हो रहा था। वह इस घटना के बाद अचानक गायब हो गया है। रातों रात अवैध क्लिनिक लेकर संचालक प्रवीन तिवारी और मनोज यादव भाग खड़े हुए।
आरोप है कि SDH बगहा की आशा कर्मी के झांसे में आकर परिजन इस निजी क्लिनिक में मरीज लेकर पहुंचे थे। जहां दर्द से कराह रही प्रसव पीड़िता का जबरन ऑपरेशन कर पेट खोल दिया गया। फिर महिला की बिगड़ती स्थिति देखकर परिजनों को बरगला कर मोटी रकम भी वसूल की गई। लेकिन फिर भी प्रसूता की हालत गंभीर होती जा रही थी। उसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज को बेतिया रेफर कर दिया। जब परिजन मरीज को लेकर बेतिया पहुंचे तो वहां से भी डॉक्टरों ने मरीज की नाजुक स्थिति देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी रेफर कर दिया। जहां मोतिहारी जाने के दौरान प्रसूता की मौत हो गई।
इधर, अवैध तरीके से संचालित सूरज हॉस्पिटल व बालाजी ट्रामा सेंटर के संचालक पर लोग सोमवार को गोलबंद होकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि महज एक महीने के अंदर कई प्रसव पीड़िताओं को यहां अपनी जान गंवानी पड़ी है। अब लोगों के सब्र का बांध टूट पड़ा है और वे हंगामा कर रहे हैं। मृतका के परिजनों के साथ-साथ खुद मकान मालिक भी विरोध में उत्तर आए हैं।
वहीं, बगहा अनुमंडल अस्पताल के डीएस डॉ. के बीएन सिंह ने विरोध जता रहे लोगों को लिखित शिकायत के बाद निश्चित तौर पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। हालांकि अभी अस्पताल से चिकित्सक व कर्मी फरार हैं, जिन तक पहुंचना भी प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।