एसटीएफ और पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रतिबंधित हथियार AK 47 के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पता चला है कि आरोपी AK 47 को दूसरी जगह से छोटे-छोटे हिस्सों में लाते थे, फिर असेंबल करके तस्करी करते थे। बिहार एसटीएफ की विशेष टीम और मुजफ्फरपुर पुलिस की ज्वाइंट कार्रवाई में मिली सफलता पकड़े गए लोगों में दो मुजफ्फरपुर के और एक वैशाली जिला का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामा और भांजा मिल कर AK 47 हथियार को असेंबल करने का काम करते थे। फिर इसको दूसरे हथियार तस्कर को बेचने का काम करते थे। पकड़े गए आरोपियों में मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र निवासी विकास कुमार, वैशाली जिला निवासी सत्यम कुमार और मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र निवासी देव मुनि शामिल हैं। प्रतिबंधित हथियार के साथ तीन अपराधियों की गिरफ्तारी लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं, आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और पांच कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
दरअसल, मुजफ्फरपुर पुलिस और बिहार STF की विशेष टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के ही बाहर से प्रतिबंधित हथियार AK-47 एसाल्ट राइफल के बट और लेंस के साथ दो अपराधी विकास कुमार जिला मुजफ्फरपुर और सत्यम कुमार अंजानपीर जिला वैशाली को गिरफ्तार किया गया। दोनों से की गई सघन पूछताछ के बाद फकुली थाना क्षेत्र में रेड करके देव मुनि के घर रेड की गई, जहां के मलकौनी रोड मुड़घटियों के पास पुल के निकट से उसे भी पकड़ लिया गया। जब्त किए गए हथियार में दूरबीन लगी हुई है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर अर्ध सैनिक बल और विशेष टीम द्वारा किया जाता है।
पकड़े गए तीनों ही अपराधकर्मियों ने उक्त प्रकरण में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह के सदस्यों द्वारा अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त की जाती रही है। अब विशेष पुलिस इन अपराधियों के फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक पर भी जांच कर रही है।