खगड़िया जिले के नगर थाना के पास पिछले दो दिनों से कुछ भू-माफिया सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर रहे हैं। थाना से महज दो सौ मीटर की दूरी पर हो रहे इस अवैध कार्य को रोकने को लेकर स्थानीय पुलिस कोई कार्य नहीं कर रही है, जबकि बार-बार इस अवैध कब्जे की शिकायत स्थानीय थाना से लेकर डीजीपी तक को स्थानीय लोगों ने की है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नगर थानाध्यक्ष ने इस मामले में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोग थानाध्यक्ष राकेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
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भूमि सरकारी गैर मजरुआ आम व खास की जमीन है
इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तरी हाजीपुर में आर्यसमाज स्कूल स्थित सरस्वती स्थान के पास यह अवैध कब्जा एक पक्ष द्वारा किया जा रहा है। इस सरकारी जमीन पर दो पक्षों का दावा है, जिसको लेकर एसडीओ सदर के न्यायालय में धारा 145 के तहत कार्रवाई चल रही है। न्यायालय का आदेश है कि उक्त जमीन पर किसी पक्ष के द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा सकता है, जबकि इस मामले में अंचल अधिकारी खगड़िया ने प्रतिवेदित किया है कि उक्त भूमि सरकारी गैर मजरुआ आम व खास की भूमि है। ऐसे में एक पक्ष के द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानिये क्या है पूरा मामला
शहरी क्षेत्र के मौजा हाजीपुर स्थित उक्त जमीन पर नगर परिषद के द्वारा अवैध निर्माण कार्य को लेकर रोक लगाई गई है, जिसपर दो पक्ष अपने-अपने दावे करते आ रहे हैं। इसका थाना नंबर 267, खाता नंबर 156 और खेसरा नंबर 5 है। उक्त खेसरा 5 की जमीन पर निबंधन का भी रोक लगा है। इस मामले में अंचल अधिकारी खगड़िया के द्वारा भी एसडीओ के न्यायालय में प्रतिवेदन दिया गया है, जिसमें उक्त जमीन को सरकारी रैयत बताई गई है। लेकिन भू-माफिया प्रशासन पर इस तरह से हावी हैं कि बिना किसी डर भय के उक्त जमीन पर निर्माण कर रहे हैं। इसको लेकर नगर प्रशासन के द्वारा स्थानीय नगर थाना को नौ वर्ष पहले ही पत्र के द्वारा उक्त जमीन के संरक्षण की बात कही गई थी।
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उच्च न्यायालय भी कर चुकी है सुनवाई
उक्त सरकारी जमीन को लेकर एक पक्ष के द्वारा पटना उच्च न्यायालय में सीडब्लूजेसी संख्या 2074/24 दाखिल किया गया था, जिसे न्यायालय द्वारा खारिज भी किया जा चुका है। इस मामले में नगर परिषद के द्वारा न्यायालय में सभी कागजात जमा किये गए थे, जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह फैसला दिया था। बावजूद इसके उक्त भूमि पर स्थानीय भू-माफियाओं की नजर बन हुई है।
नगर थाना अध्यक्ष पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस मामले में जहां पटना उच्च न्यायालय से दावा करने वाले एक पक्ष की दलील को पूर्व में ही खारिज की जा चुकी है। वहीं दूसरी तरफ मामले की सुनवाई धारा 145 के तहत एसडीओ के न्यायालय में चल रहा है, जिसमें न्यायालय की तरफ से उक्त करीब 5 कट्ठे की जमीन पर यथा स्थिति बनाये रखने का आदेश है। अंचल अधिकारी के द्वारा रिपोर्ट में उक्त भूमि को कमलाधार बताया गया है, जो सरकारी गैर मजरुआ आम व खास की भूमि के तहत आता है। लेकिन तमाम प्रशासनिक रोक के बाद भी उक्त भूमि पर धीरे धीरे कब्जा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भू-माफियाओं के द्वारा नगर थाना के अध्यक्ष राकेश कुमार को मैनेज किया गया है, इसी वजह से थानाध्यक्ष राकेश कुमार एक तरफा काम करवा रहे हैं।
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क्या कहते हैं नगर कार्यपालक अधिकारी
इस मामले में नगर कार्यपालक अधिकारी का कहना है कि उक्त मामला वर्षों पुराना है। इसकी सुनवाई पटना उच्च न्यायालय में भी हुई थी, लेकिन इस मामले में दावा करने वाले पक्ष की दलील को न्यायालय के द्वारा खारिज किया गया है। उन्होंने बताया कि नगर थाना अध्यक्ष राकेश कुमार को इस मामले को लेकर पूर्व में पत्र भेजकर किसी भी तरह के निर्माण कार्य नहीं होने की बात कही गई है। अगर फिर निर्माण हो रहा है तो इसपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले में नगर थानाध्यक्ष राकेश कुमार को बार-बार कॉल कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने फोन रिसिव नहीं किया।