लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपराधियों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी सिलसिले में एसटीएफ टीम ने बड़ी कार्रवाई कर एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। दरअसल, खगड़िया के पसरहा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने कुख्यात अपराधी नरदा उर्फ नारद यादव को भागलपुर जिले के नवगछिया से गिरफ्तार किया गया है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार अपराधी का भय खगड़िया के पसरहा क्षेत्र में इस कदर हावी था कि इसके द्वारा एक बार रंगदारी मांगने के बाद डर से व्यापारी घर से बाहर नहीं निकलते थे। गौरतलब है कि नारद यादव पर खगड़िया पुलिस द्वारा 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। जबकि यह जिले के टॉप 20 अपराधियों की सूची में शामिल है।
खगड़िया के पसराहा में बोलती थी नरदा की तूती
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार कुख्यात नारद यादव पसराहा थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया करता था। इसके ऊपर हत्या के प्रयास, रंगदारी, जान से मारने की धमकी सहित करीब नौ एफआईआर पसराहा थाना में दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि पसराहा में इस कुख्यात अपराधी की तूती बोलती थी, जिसके डर से लोग डरे सहमे रहते थे।
मामले में खगड़िया एसपी चंदन कुमार कुशवाहा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पसराहा थाना क्षेत्र के बसुआ निवासी दिवंगत बुद्धू यादव का बेटा कुख्यात नारद यादव भागलपुर जिले के नवगछिया में छिपा हुआ है। उसके आधार पर एसटीएफ द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
एक आवाज पर बंद कराता था बाजार
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी नारद यादव जब चाहता था तब वह व्यापारियों को धमकी देते हुए अपने क्षेत्र की दुकानों को बंद करवा देता था। वहीं, कुछ माह पहले ही हथियारों के साथ उसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। उसके बाद खगड़िया पुलिस ने नारद यादव की तलाश तेज कर दी थी। एसपी की मानें तो लोकसभा चुनाव से पहले खगड़िया पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है।
थाना को कर लेता था मैनेज
कुख्यात अपराधी नारद यादव के बारे में कहा जा रहा है कि इसकी पहुंच स्थानीय पुलिस थाने तक थी। अपनी इसी पहुंच के बदले इसे आए दिन पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की सूचना मिला करती थी, जिसके बाद वह अपना ठिकाना बदल लिया करता था। हालांकि इस आरोप को पसराहा थाना अध्यक्ष संजय विश्वास ने खारिज करते हुए कहा कि पसरहा थाना पुलिस भी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी।