मौके पर विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के जमुई जिला मुख्यालय स्थित एक निजी क्लीनिक में रविवार की अहले सुबह एक प्रसूता की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर क्लीनिक में जमकर हंगामा किया। मृतक महिला की पहचान लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के मंगरार गांव निवासी पिंटू साह की पत्नी कविता देवी के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पिंटू साह अपनी प्रसूता पत्नी कविता को डिलीवरी के लिए के लिए सदर अस्पताल लाया था। जहां जांच करने के बाद डॉक्टर ने उन्हें शाम तक बच्चा होने की बात बताई थी। लेकिन आशा के पद पर कार्यरत प्रियंका सिंह ने कविता के परिजनों को बहकावे में लाकर उसे जिला मुख्यालय स्थित हरिओम सेवा सदन निजी क्लीनिक में भर्ती करवाया। जहां शनिवार की शाम नॉर्मल डिलीवरी में कविता ने एक बच्ची को जन्म दिया। वहीं, रविवार की अहले सुबह कविता की मौत हो गई। उसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर क्लीनिक में जमकर हंगामा करने लगे। घटना की सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझा कर मामला शांत करवाया।
इधर, परिजनों ने आरोप लगाया कि कविता की डिलीवरी होने के बाद उसे ब्लीडिंग हो रही थी। लेकिन डॉक्टर ने उस पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। अगर ससमय कविता का सही से इलाज होता तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं, पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है। गौरतलब है कि आशा कार्यकर्ता के बहकावे में अब तक दर्जन भर से अधिक प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन मौन है।