लंबे समय बाद जेल से बाहर आए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भाजपा और मोदी सरकार को सामाजिक न्याय के मुद्दे पर घेरना चाहते हैं। इसके लिए वह शरद यादव और मुलायम सिंह से मुलाकात के बाद कांग्रेस, एनसीपी सहित अन्य क्षेत्रीय दलों को साधने की योजना बना रहे हैं। अस्वस्थ होने के बावजूद लालू ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
राजद सूत्रों के मुताबिक लालू की राजनीतिक सक्रियता और बढ़ेगी। उनकी कोशिश सामाजिक न्याय के मामले में गैरभाजपा दलों को एकजुट करने की है।
चूंकि उत्तर भारत और हिंदी पट्टी में सामाजिक न्याय का मुद्दा अन्य मुद्दों की तुलना में ज्यादा बड़ा है, इसलिए लालू मोदी सरकार और भाजपा को इसी मुद्दे पर घेरना चाहते हैं। इस कड़ी में वह अब शरद पवार, राहुल गांधी, सोनिया गांधी के साथ-साथ क्षेत्रीय दलों के नेताओं से भी मुलाकात कर रणनीति बनाएंगे।
जातीय जनगणना कराने की मांग
लालू यादव ने राष्ट्रीय जनगणना के दौरान जाति आधारित जनगणना कराने की भी मांग की है। उन्होंने आह्वान किया कि यदि सरकार जातिगत जनगणना नहीं कराती तो जनगणना कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाए। दरअसल इस समय भाजपा की हिंदुत्व और सामाजिक न्याय दोनों की राजनीति में मजबूत पकड़ है।