राजद प्रमुख लालू यादव के बिगड़े बोल लगातार जारी हैं, बिहार चुनावों में भाजपा के मुकाबिल राजद सुप्रीमो ने अमित शाह और मोदी के बाद अब पूर्व सर संघचालक गोलवलकर पर निशाना साध दिया है।
गोलवलकर को पाखंडी बताते हुए लालू ने कहा कि 'भाजपा पाखंडी संघ प्रमुख गोलवलकर की बातों पर अमल कर रही है। जिसमें पिछड़े, दलितों को जलील करना उनको ज़िल्लत भरी जिंदगी देना इनका मुख्य एजेंडा है।'
ट्विटर के माध्यम से लालू ने आरक्षण मुद्दे पर फिर मुखर रुख अपनाते हुए कहा हमारी पुरजोर मांग है कि आरक्षण का दायरा आबादी के हिसाब से बढ़ाया जाना चाहिए। ये 49 प्रतिशत से आगे की लड़ाई है।
कुछ दिन पहले आरक्षण की समीक्षा की बात करने वाले वर्तमान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले लालू ने कहा कि 'ये आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं। मैं इनको चुनौती देते हुए कहता हूं कि इनकी छाती पर बैठकर अभी निजी क्षेत्र में आरक्षण लेकर रहेंगे।'
वहीं मंगलवार दोपहर पत्रकारों से बात करते-करते उन्होंने भाजपा को कुत्ता पालक भी कह डाला। कहा कुत्ता पालने वाली भाजपा गाय की अहमियत क्या जानें। मेरे पास सैकडों गाय हैं मुझसे ज्यादा इस बारे में कौन जानता होगा।
BJP पाखंडी संघ प्रमुख गोलवलकर की बातों पर अमल कर रही है.जिसमें पिछड़े,दलितों को जलील करना,उनको ज़िल्लत भरी जिंदगी देना इनका मुख्य एजेंडा है— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) October 5, 2015
भाजपा आरएसएस के खिलाफ मोर्चा लालू ने खोला मोर्चा
बता दें कि ट्विटर के माध्यम से लालू लगातार भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उनके निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बने हुए हैं।
इस ट्विटर वार की शुरूआत उस समय हुई थी जब आरएसएस प्रमुख ने कुछ दिन पहले आरक्षण की समीक्षा को लेकर बयान दिया था। उसके बाद से ही लालू ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ट्विटर के माध्यम से लालू लगातार आरएसएस को निशाना बना रहे हैं।
भागवत के बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया करते हुए कहा था कि 'तुम आरक्षण खत्म करने की बात करते हो हम इसे आबादी के अनुपात में बढ़ाएंगे। माई का दूध पिया है तो इसे खत्म करके दिखाओ। किसकी कितनी ताकत है पता चल जाएगा'।
उन्होंने इस पर मोदी को भी लपेटे में लेते हुए कहा था कि 'तथाकथित चाय बेचने वाला और हाल ही में पिछड़ा बने मोदी बताएं कि वो अपने आका मोहन भागवत के कहने से आरक्षण खत्म करेंगे या नहीं।'
BJP अमीर-गरीब की लड़ाई से ध्यान भटका रही है. ये सामंती लोग आरक्षण के साथ-साथ गरीबों, वंचितों की इज़्ज़त,आबरू और सम्मान को भी लूट लेंगे— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) October 5, 2015
बिहार में जातिगत समीकरणों की अहमियत जानते हैं लालू
इसी तरह लालू कुछ दिन पहले ही ट्विटर के माध्यम से अमित शाह को नरभक्षी और तड़ीपार तक कह डाला था। एक दिन पूर्व ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धृतराष्ट्र की संज्ञा दे डाली थी।
असल में बिहार चुनावों के मद्देनजर लालू जातिगत मुद्दे पर लगातार दांव लगाए हुए हैं। लालू जानते हैं कि बिहार में अभी भी सबसे बड़ा फैक्टर जाति ही है। विकास का मुद्दा आज भी यहां जाति के पीछे ही है।
खासकर ओबीसी और दलित वोटरों की बहुतायत वाले बिहार में आरक्षण एक बड़ा चुनावी मुद्दा साबित हो सकता है। इसकी अहमियत लालू जानते हैं। इसलिए इस चिंगारी को वो सुलगाए रखना चाहते हैं।
ये आरक्षण खत्म करने की बात करते है. मैं इनको चुनौती देते हुए कहता हूँ कि इनकी छाती पर बैठकर अभी निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लेकर रहेंगे।— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) October 5, 2015