लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में मंगलवार को सुपौल लोकसभा सीट पर वोटिंग हुई। इसके बाद कुल 15 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। चार जून को वोटों की गिनती के बाद चुनावी नतीजे सामने आएंगे। इस बीच बुधवार को निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कौशल कुमार ने वोटिंग से जुड़ी जानकारी साझा की है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सुपौल लोकसभा क्षेत्र में कुल 63.55 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जबकि 0.4 फीसदी सरकारी कर्मियों ने पोस्टल बैलेट के जरिए वोटिंग की है। इसके मुताबिक, वोटिंग के मामले में सुपौल, बिहार में टॉप पर रहा। सुपौल लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 65.27 फीसदी वोटिंग सुपौल जिले के पिपरा विधानसभा क्षेत्र में हुई है। वहीं, सुपौल विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 61.16 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई है।
इसके अतिरिक्त सुपौल जिला अंतर्गत निर्मली विधानसभा क्षेत्र में 65.06, त्रिवेणीगंज विधानसभा क्षेत्र में 64.62 और छातापुर विधानसभा क्षेत्र में 64.08 फीसदी वोटिंग हुई। जबकि मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र में 61.19 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लोकसभा क्षेत्र में कुल 19 लाख 27 हजार 207 वोटर पंजीकृत हैं, जिनमें नौ लाख 96 हजार 756 पुरुष और नौ लाख 30 हजार 410 महिलाएं शामिल हैं। डीएम ने बताया कि इनमें से पांच लाख 68 हजार 387 पुरुष और छह लाख 56 हजार 432 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आबादी में महिलाएं पीछे, वोटिंग में आगे
निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सुपौल लोकसभा क्षेत्र में कोई भी ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाओं की आबादी पुरुषों से अधिक हो। हालांकि, वोटिंग का आंकड़ा ठीक उल्टा है। वोटिंग के मामले में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। सुपौल लोकसभा क्षेत्र में 70.55 फीसदी महिलाओं ने वोटिंग की है, जबकि महज 57.02 फीसदी पुरुषों ने मताधिकार का प्रयोग किया।
सुपौल जिले के निर्मली विधानसभा क्षेत्र में कुल 57.71, पिपरा में 59.17, सुपौल में 54.5, त्रिवेणीगंज में 58.2 और छातापुर में 57.31 और मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र में कुल 55.32 फीसदी पुरुषों ने वोटिंग की। वहीं, सुपौल जिले के निर्मली विधानसभा क्षेत्र में कुल 72.94, पिपरा में 71.79, सुपौल में 68.32, त्रिवेणीगंज में 71.44 और छातापुर में 71.37 तथा मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र में कुल 67.51 फीसदी महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।