बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
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सहरसा जिले में नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और कोसी बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। जिला प्रशासन ने नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंडों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में शैक्षणिक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है।
डीएम का निर्देश और प्रशासनिक तैयारी
जिला अधिकारी (डीएम) वैभव चौधरी ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है, क्योंकि बाढ़ की स्थिति में स्कूलों तक आने-जाने में बच्चों को कठिनाई हो सकती है। इससे उनके स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी के मद्देनजर, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें बाढ़ राहत कार्यों में जुटने का निर्देश दिया गया है।
कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को जिला प्रशासन ने एहतियात बरतने की सलाह दी है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने और राहत कार्यों के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
राहत कार्य और निरीक्षण
जानकारी के मुताबिक, महिषी और सलखुआ क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई घरों के लिए जगह का चुनाव किया गया है, ताकि बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को राहत दी जा सके। अपर समाहर्ता ज्योति कुमार और जिला पंचायत राज पदाधिकारी संजीव कुमार ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक फूड पैकेट्स के निर्माण की प्रक्रिया भी जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है, ताकि संकट के समय भोजन की कमी न हो। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। इस समय सभी निवासियों से प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।