जानकारी के मुताबिक, जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। चिराग पासवान के नेतृत्व वाला लोजपा गुट राजद नेता तेजस्वी यादव से हाथ मिला ले तो भी नीतीश कुमार सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मांझी ने चिराग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चिराग के नेतृत्व वाली लोजपा अब केंद्र में एनडीए की सहयोगी नहीं है, क्योंकि उसने बिहार विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ा था।
जीतन राम मांझी की तरह वीआईपी प्रमुख और बिहार के पशुपालन व मत्स्य पालन मंत्री मुकेश सहनी ने भी तेजस्वी के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को दिन में सपने देखने की आदत होती है। उन्हें ऐसा करने दीजिए। अगर कोई ऐसा करता है तो इसमें क्या हर्ज है? माना जा रहा है कि मांझी और सहनी के बयानों से बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए को राहत मिलेगी, क्योंकि कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के बड़े भाई और हसनपुर से राजद विधायक तेज प्रताप यादव ने मांझी से उनके आवास पर मुलाकात की थी। इसके बाद राज्य की राजनीति में उठापटक की अटकलें लग रही थीं। हालांकि, मांझी ने इसे निजी दौरा बताया था।
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने 25 जून को अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने लोगों की शिकायतें और नाराजगी सुनीं। इसके बाद तेजस्वी ने कहा कि घबराओ मत। बिहार की सरकार दो-तीन महीने में गिरने वाली है। तेजस्वी के इस बयान से बिहार में सियासी पारा चढ़ गया।