फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत तीन को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा; वाहनों को रोक कर रहे थे अवैध वसूली

Mon, 18 Dec 2023 12:13 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई

सार

Bihar Crime: स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधी तो दूर अब शिक्षक भी आपराधिक घटना को अंजाम देने लगे। अगर शिक्षक ही इस तरह से रंगदारी वसूलने लगे तो वह बच्चों को क्या शिक्षा देंगे। शिक्षा विभाग को चाहिए कि अविलंब ऐसे शिक्षक पर कार्रवाई करे। पढ़ें पूरी खबर...।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के जमुई से स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक की ओर से सड़क पर जबरदस्ती वाहनों को रोक कर अबैध वसूली करने का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक समेत तीन लोगों को रंगे हाथ पकड़ा है। मामला चकाई थाना क्षेत्र के दुलमपुर का है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान चकाई थाना क्षेत्र के दुलमपुर निवासी मो. सफजल, मिंटू जर्रा और मो. अरशद आजाद के रूप में हुई है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, चकाई पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मो. अरशद आजाद जो चकाई प्रखंड के दुलमपुर उत्कर्मित मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं। वह अपने तीन साथियों के साथ कई महीनों से अपने घर दुलमपुर के पास बीच सड़क पर ब्रेकर लगाकर अवैध रूप से अवैध वसूली करता था। इसकी सूचना पुलिस को लगातार मिल रही थी। वहीं, सूचना के तहत पुलिस गश्ती दल ने अवैध वसूली करते तीनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने तीनों पर एफआईआर दर्ज कर पूछताछ के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

इधर, चकाई थाना के एसआई एसएन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोग रात में जबरदस्ती वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे थे। साथ ही पैसे न देने की एवज में चालकों के साथ मारपीट भी करते थे। पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर गश्ती दल के अधिकारी अखिलेश प्रसाद सिंह ने पुलिस बल के साथ तीनों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधी तो दूर अब शिक्षक भी आपराधिक घटना को अंजाम देने लगे। अगर शिक्षक ही इस तरह से रंगदारी वसूलने लगे तो वह बच्चों को क्या शिक्षा देंगे। शिक्षा विभाग को चाहिए कि अविलंब ऐसे शिक्षक पर कार्रवाई करे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें