अब तक हृदय की बीमारी के मुख्य कारण ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्राल, धूम्रपान, मोटापा, तनाव को माना जाता रहा था। लेकिन बिहार में पहली बार खैनी खाने वाले हॉर्ट के मरीजों पर (रेट्रोस्पेक्टिव स्टडी) रिसर्च हुआ है।
दिल से जुड़ी बीमारियाें के लिए स्माेकिंग से ज्यादा खतरनाक खैनी है। यह खुलासा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में हुए रिसर्च के बाद हुआ है।
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अब तक हृदय की बीमारी के मुख्य कारण ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्राल, धूम्रपान, मोटापा, तनाव को माना जाता रहा था। लेकिन बिहार में पहली बार खैनी खाने वाले हॉर्ट के मरीजों पर (रेट्रोस्पेक्टिव स्टडी) रिसर्च हुआ है। दिन में तीन बार से अधिक खैनी खाने वालों को इस रिसर्च में शामिल किया गया था।
यह स्टडी फरवरी 2015 से जुलाई 2016 के दौरान किया गया था। रिसर्च टीम में प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. नीरव, के अलावा कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी सिंह, डॉ. रवि विष्णु, डॉ. निशांत त्रिपाठी, डॉ. शंभू कुमार शामिल थे। इस अध्ययन को इंटरनेशनल जर्नल आफ फार्मासीटिक्ल एंड क्लीनिकल रिसर्च के 14 वें संस्करण 2022 में प्रकाशित किया गया है।