मिड डे मील में खामियों की शिकायतें तो आप जब तब सुनते रहे होंगे लेकिन जब इसके चक्कर में एक छात्रा के पिता की जान चली जाए तो चौंकना लाजिमी है।
कुछ ऐसा ही हुआ है बिहार के अररिया में। जहां दोबारा मिड डे मील मांगने पर स्कूल में उसकी पिटाई की गई, इसका विरोध करने पिता स्कूल पहुंचे तो उसे भी पीटा गया। जिसमें उनकी जान चली गई।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार यह घटना अरिरया जिले के गोखलापुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में 10 फरवरी की है। कक्षा पांच की छात्रा कशीदा का गुनाह सिर्फ इतना था कि भूख ज्यादा होने के कारण उसने दोबारा मिड डे मील मांग लिया। इस पर 12 वर्षीय छात्रा की पिटाई की गई। जब इसकी शिकायत लेकर पिता मोहम्मद सगीर स्कूल पहुंचे तो उन्हें भी पीटा गया। कुछ घंटे बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
सगीर की पत्नी रुखसाना खातून ने बताया कि छह महीने पहले उसके बेटे चांद बाबू को भी इसी तरह की घटना का सामना करना पड़ा था। कक्षा दो के छात्र चांद ने जब थोड़ी सी खिचड़ी और मांगी तो उसे भी स्कूल की छत से फेंक दिया गया। जिससे उसकी दायीं टांग टूट गई। उसके बाद भय से वह स्कूल ही नहीं गया।
हत्या के मामले में चार लोग नामजद, आरोपी फरार
सगीर की मौत के मामले में स्कूल के तीन शिक्षकों और एक रसोइया को गैर इरादतन हत्या के मामले का सामना करना पड़ रहा है। सभी आरोपी फरार हैं। हालांकि अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। इसी के बाद उनके साथ हुई पूरी घटना का पता चल सकेगा। हालांकि घटना के बाद से स्कूल बंद है।
दिहाड़ी मजदूरी करने वाला सगीर अपने पांच बच्चों के साथ जैसे तैसे जीवन गुजारता था। गरीब परिवार सरकारी जमीन पर ही एक झोपड़ी डालकर जैसे तैसे रहता है। मुफिलिसी का आलम ये है कि सगीर की मौत के बाद से ही पडोसी उसके परिवार के लिए भोजन का इंतजाम कर रहे हैं।
बीते 10 फरवरी की घटना को याद करते हुए कशीदा बताती है कि, जब मैने स्कूल में मिड डे मील बांटने के दौरान दोबारा खिचड़ी मांगी तो रसोइया संजीत ने चमचे से मेरी पिटाई की। मैं रोते हुए घर आई और अब्बू से इसकी शिकायत की। मेरे पिता मुझे तुरंत स्कूल लेकर पहुंचे और संजीत से कहा। सब बच्चों को सरकारी खाना खाने का हक है।
पुलिस ने भी नहीं की कोई कार्रवाई
छात्रा के अनुसार स्कूल के एक शिक्षक जेडएन अंसारी (जिन्हें मस्तान के नाम से भी लोग जानते हैं) ने धमकाते हुए कहा कि "तुम्हे चीर देंगे"। इस पर स्कूल के अन्य शिक्षक हरदेव राम ने भी उसका साथ देत हुए कहा मारो, और सब मेरे अब्बू पर टूट पड़े। मस्तान ने मेरे पिता की टांगों के बीच में लातों से वार किया।
उनकी मार से मेरे पिता कराहते रहे। खून से उनके कपड़े लथपथ हो गए। उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। रुखसाना ने अपने पडोसियों को पुलिस को सूचना देने को कहा लेकिन पूरे दिन कोई उनकी सुध लेने नहीं आया।
रात को एक बजे नरपतगंज पुलिस उनके घर पहुंची और पूछताछ कर लौट आई। अगले दिन शिक्षक मस्तान, हरदेव राम, रसोइया संजीत पासवान और और एक स्कूल शिक्षिका के पति शंभू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। शंभू यादव भी उस समय मौके पर ही मौजूद था। नरपतगंज थाने के इंचार्ज पीके प्रवीण ने बताया कि घटना मिड डे मील को लेकर ही घटी। हमनें पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं।