गया के टिकारी थानाक्षेत्र के विवेकानंद कॉलोनी देवधरपुर निवासी अरुण कुमार सिन्हा (42) की मौत नौ सितंबर को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में जहर खाने के कारण हो गई। मृतक के भाई अंजय कुमार सिन्हा ने आरोप लगाया है कि उनके भाई की आत्महत्या के लिए तीन लोगों ने उन्हें उकसाया था। अंजय कुमार ने इस मामले को लेकर मगध मेडिकल थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मृतक के हाथों में स्याही और संदेहास्पद पत्र मिले
मृतक के हाथों में लगी स्याही और आत्महत्या से जुड़े संदेहास्पद पत्र ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है। नौ सितंबर को जब अरुण कुमार सिन्हा की तबीयत खराब हुई, उन्होंने एक सादा कागज पर रेवेन्यू टिकट के साथ एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने खुद को मानसिक तनाव में बताते हुए आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात की। पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन उसके हाथों में स्याही लगी हुई थी, जिससे मामला संदिग्ध बन गया है।
पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद
अंजय कुमार सिन्हा ने पुलिस को बताया कि नौ सितंबर को उनके भाई अरुण कुमार सिन्हा का विवाद टिकारी थानाक्षेत्र के रिकाबगंज पीर बाबा गली निवासी अशोक कुमार, उनके बेटे आकाश कुमार और अशोक कुमार की पत्नी के साथ हुआ था। आरोप है कि पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद के बाद इन लोगों ने अरुण कुमार सिन्हा को आत्महत्या के लिए मजबूर किया और उनके नाम से एक पत्र भी तैयार करवाया।
मृतक के भाई ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।