बिहार में मठ और मंदिर की जमीन पर कथित अवैध कब्जे के खिलाफ सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने के संकेत दिए हैं। बोधगया से इसकी शुरुआत होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सख्त बयान के बाद प्रशासन ने बोधगया क्षेत्र में 32 परिवारों को मकान खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय तक कब्जा नहीं हटाने पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
18 मई तक मकान खाली करने का निर्देश
जानकारी के अनुसार गया जिले के बोधगया क्षेत्र में निरंजना नदी किनारे पंचहट्टी पुल के पास बसे 32 परिवारों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में 18 मई तक मकान खाली करने को कहा गया है। प्रशासन का दावा है कि संबंधित भूमि मठ और सरकारी संपत्ति है, जिस पर वर्षों से अवैध कब्जा किया गया है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद तेज हुई कार्रवाई
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि राज्य सरकार मठों और मंदिरों की जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त अभियान चलाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि 19 मई से बोधगया में विशेष कार्रवाई शुरू होगी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रशासनिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं।
प्रभावित परिवारों में डर और असमंजस
नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में भय और असमंजस का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि वे करीब 30 वर्षों से वहां रह रहे हैं। उनके पास पुराने रसीद, स्थानीय स्तर के दस्तावेज और बिजली-पानी कनेक्शन तक मौजूद हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इतने वर्षों तक प्रशासन ने कभी आपत्ति नहीं जताई, लेकिन अब अचानक उन्हें बेघर करने की तैयारी की जा रही है।
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महंत ने दी थी रहने की अनुमति
प्रभावित परिवारों का कहना है कि तत्कालीन महंत दिवंगत सुधर्शन गिरि ने उन्हें वहां रहने की अनुमति दी थी। हालांकि प्रशासन इन दस्तावेजों को कानूनी रूप से वैध नहीं मान रहा है। परिवारों ने सरकार से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने से पहले उन्हें वैकल्पिक जमीन या आवास उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन का सख्त रुख
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कहा है कि सरकारी और मंदिर की जमीन को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 18 मई तक लोग स्वेच्छा से मकान खाली नहीं करते हैं तो बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाया जाएगा। माना जा रहा है कि बोधगया में शुरू हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों में पूरे बिहार में बड़े अभियान का रूप ले सकती है।