गंभीर रूप से जख्मी दारोगा को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है
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बिहार में 15 जून के बाद से बालू खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। शनिवार रात बालू खनन पर प्रतिबंध लगते ही नवादा में बालू माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। बालू माफिया लगातार आम से लेकर खास लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला नवादा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके के सिरदला थाना क्षेत्र के नरौली रवियो गांव के पास का है। जहां बालू माफियाओं द्वारा एक दारोगा पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया, जिससे दरोगा गंभीर रूप जख्मी हो गए। उसके बाद दारोगा को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने उन्हें पावापुरी अस्पताल रेफर कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित दारोगा संजीत कुमार जिले के नक्सल प्रभावित सिरदला थाना में पदस्थापित हैं। घटना को लेकर बताया जा रहा है कि दारोगा सूचना के आधार पर छापामारी करने के लिए अपने टीम के साथ निकले थे। इसी दौरान बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की गई। तभी ट्रैक्टर चालक द्वारा दारोगा को टक्कर मारते हुए वहीं पर कुचल दिया गया। इसके बाद घटनास्थल से चालक बालू लदा ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। वहीं, दारोगा गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना की सूचना के बाद सिरदला थानाध्यक्ष संजीत राम द्वारा जख्मी दारोगा को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने उन्हें पावापुरी मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष संजीत राम ने कहा कि एक ट्रैक्टर द्वारा टक्कर मारी गई है। इसी दौरान दरोगा जख्मी हो गए हैं। फिलहाल उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि जिले में बालू माफिया द्वारा कई थानों की पुलिस टीम पर पहले भी हमला किया गया है। हमले के बाद पुलिस कार्रवाई भी करती है, बावजूद इसके बालू माफिया हमला करने से बाज नहीं आते हैं।
कुछ इसी तरह की घटना जमुई जिले में भी हुई थी। अहले सुबह सात बजे के करीब दरोगा प्रभात रंजन के नेतृत्व में जांच शुरू की गई थी। उसी दौरान बालू लदे एक ट्रैक्टर को दरोगा की टीम ने रोकने की कोशिश की। लेकिन टैक्टर ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी, उल्टे दारोगा और सिपाही को कुचल दिया था। उस घटना में दारोगा प्रभात रंजन की मौत हो गई थी।