एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि अगस्त 2023 से ही गिरफ्तार अपराधियों का ऑनलाइन डाटा बेस तैयार की जा रही है। 4 महीने में अब तक विभिन्न कांडो में गिरफ्तार हुए अपराधियों का फिंगर प्रिंट अपलोड किया जा चुका है।
गया पुलिस हाईटेक हो रही है। अब अपराधियों की डिजिटल कुंडली बनाई जा रही है। अब इनके पहचान के लिए पुलिस को मशक्कत नहीं करनी पड़गी। केवल फिंगर प्रिंट से ही इनक पहचान हो जाएगी। गया पुलिस अब ऐसा ही कर रही है। हर अपराधी औका फिंगर प्रिंट ले रही है। पुलिस टीम इस प्रिंट को ऑनलाइन सेव कर लेती है।
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अपराधियों का फिंगर प्रिंट डाटा बेस तैयार किया जा
गया पुलिस के अनुसार, अपराधियों के फिंगर प्रिंट को ऑनलाइन लिया जा रहा है। अगर कोई अपराधी किसी घटना में गिरफ्तार होता है तो फिंगर प्रिंट से उसका पूरा अपराधिक इतिहास खंगाला जा सकेगा। इससे क्राइम कंट्रोल में काफी मदद मिलेगी। राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान सिस्टम के तहत अपराधियों का फिंगर प्रिंट डाटा बेस तैयार किया जा रहा है।
939 अपराधियों का फिंगर प्रिंट सिस्टम में अपलोड
एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि अगस्त 2023 से ही गिरफ्तार अपराधियों का ऑनलाइन डाटा बेस तैयार की जा रही है। 4 महीने में अब तक विभिन्न कांडो में गिरफ्तार हुए 939 अपराधियों का फिंगर प्रिंट सिस्टम में अपलोड किया जा चुका है। इसके तहत गिरफ्तार अपराधियों का 10 अंगुलियों का फिंगर प्रिंट लेकर नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटिटी सिस्टम पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद अगर कोई अपराधी किसी घटना को अंजाम देता है तो फिंगर प्रिंट के माध्यम से उसके अपराधिक इतिहास को कुछ ही मिनटों में पता किया जा सकेगा। वहीं घटना स्थल पर प्राप्त फिंगर प्रिंट से भी अपराधियों की पहचान कर अनुसंधान में काफी मदद मिलेगी।