शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश के बाद पश्चिम चंपारण जिले में शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति पर सख्ती करना शुरू कर दिया है। स्कूली बच्चों का विद्यालय से गैर हाजिर रहने पर नाम काटे जा रहे हैं। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में 16 अक्टूबर तक एक लाख 12 हजार 270 छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किया जा चुका है।
बिना सूचना दिए लगातार 15 दिनों तक स्कूल नहीं आने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई की गई है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश के बाद लगातार स्कूलों की जांच की जा रही है। जहां शिक्षकों की उपस्थिति पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, वैसे बच्चे जिनका नाम सरकारी स्कूलों में दर्ज है। लेकिन वे विद्यालय नहीं आते हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिमी चंपारण जिले की बात करें तो सबसे ज्यादा मझौलिया में 11,873, चनपटिया में 10,535, ठकराहां में 2,429, मैनाटांड में 8,990, गौनाहा में 7,599, नरकटियागंज में 7,615, नौतन में 7,065, बगहा एक में 6,843, बगहा दो में 6,443, सिकटा में 5,714, रामनगर में 4,673, बैरिया में 2,438, बेतिया में 3,499, भीताहा में 2,922, योगापट्टी में 5,569, लोरिया में 4,507, मधुबनी में 2,073 और पिपरासी में 2,444 छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने बताया कि अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश के आलोक में 16 अक्टूबर तक बिना सूचना दिए लगातार 15 दिनों तक स्कूल नहीं आने वाले एक लाख 12 हजार 270 छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किया गया है।
जानिए किन क्लास के कितने बच्चों का काटा गया नाम
कक्षा 1: 18,445
कक्षा 2: 11,645
कक्षा 3: 14,402
कक्षा 4: 1,826
कक्षा 5: 14,473
कक्षा 6: 13,707
कक्षा 7: 10,914
कक्षा 8: 8,618
कक्षा 9: 4,843
कक्षा 10: 2,830
कक्षा 11: 1,846
कक्षा 12: 1,843