गिरफ्तार फर्जी दारोगा ने बताया कि वह पिछले सात आठ महीने से दोनार चौक, मिर्जापुर चौक पर पूरे वर्दी में लैस होकर नो एंट्री में घुसे वाहनों व बिना हेलमेट के चल रहे बाइक सवार को रोककर पैसे की अवैध वसूली किया करता था। इसमें सबसे मजे की बात यह जब भी ड्यूटी पर आता तो अपने चेहरे से मास्क नहीं हटाता था, जिस कारण ट्रैफिक में तैनात सिपाही भी नहीं पहचान पा रहे थे और न पिछले यातायात थानाध्यक्ष ही उसे पहचान पा रहे थे।
यूट्यूब से सीखा फर्जीवाड़ा
गिरफ्तार फर्जी दरोगा ने बताया कि वह दरोगा की तैयारी काफी दिनों से कर रहा था लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पा रही थी। उसने पुलिस को बताया कि उसने तीन बार दारोगा भर्ती के लिए परीक्षा दिया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। उसने बताया कि उसे पहली बार दारोगा की परीक्षा में 147, दूसरी बार की परीक्षा में 175, जबकि तीसरी बार की परीक्षा में मात्र 90 नंबर मिले थे। इसके बाद उसने यूट्यूब देखकर दरोगा गिरी की तरकीब निकाली और हिम्मत जुटाकर उसने शहर के अतिव्यस्त चौक दोनार और मिर्जापुर चौक को अपना ठिकाना बनाते हुए दारोगा का काम करना शुरू कर दिया।
युवक को किया गया गिरफ्तार
इस संबंध में सदर डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि शहर नगर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर चौक पर नो एंट्री में घुसे वाहनों से एक फर्जी दारोगा पैसे की उगाही कर रहा है। जिसके बाद तत्काल यातायात थानाध्यक्ष कुमार गौरव को भेजकर जांच करवाई तो वह दरोगा फर्जी पाया गया, जिसे गिरफ्तार कर लाया गया।