नदी किनारे पूजा करतीं छठ व्रती।
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चार दिनों वाले पर्व में किस दिन क्या किया जाता है? आइए जानते हैं...
छठ पर्व की शुरुआत नहाय खाय से होती है। इसके बाद खरना मनाया जाता है। दिनभर व्रत के बाद व्रती रात को पूजा के बाद गुड़ से बनी खीर खाकर उसके बाद से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करती हैं। षष्ठी तिथि छठ पूजा का तीसरा दिन होता है। इस दिन छठ पर्व की मुख्य पूजा की जाती है। छठ पर्व के तीसरे दिन व्रती और परिवार के सभी लोग नदी, सरोवर, पोखर या तालाब आदि में जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और छठी मईया का पूजन किया जाता है। चौथा दिन यानी सप्तमी तिथि छठ महापर्व का अंतिम दिन होता है।इस दिन प्रातः उगते सूर्य को जल दिया जाता है। इसी के साथ छठ पर्व का समापन होता है।
- 12 अप्रैल 2024: नहाय-खाय
- 13 अप्रैल 2024: खरना
- 14 अप्रैल 2024: शाम का अर्घ्य
- 15 अप्रैल 2024: सुबह का अर्घ्य और पारण