जेल के अंदर छठ करते व्रती
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हिन्दू के साथ साथ मुस्लिम महिला भी कर रही छठ
जेल प्रशासन के द्वारा जेल में बंद सजा काट रहे बंदिय के द्वारा भगवान सूर्य को समर्पित इस पर्व को करने के लिए विशेष रूप में इंतजाम किया गया है। इस दौरान में जेल में मौजूद तालाब को साफ सफाई करने के साथ रंग रोगन और विशेष सजावट किया गया था। जेल के अधीक्षक ने बताया कि इस बार जेल में मौजूद बंदी के द्वारा छठ पर्व करने की बात कही गई थी, जिसके बाद हमने इसके लिए पूजन से लेकर सभी सामग्रियों का प्रबंध कराया है। इसके साथ साथ ही प्रसाद, फूल और पूजन के लिए इस्तेमाल कपड़े और अन्य सामग्री का प्रबंध कराया गया है। इस बार जेल में कुल 27 बंदी चैती छठ को कर रहे हैं, जिसमें कुल 17 महिलाएं बंदी व्रती है 9 पुरुष बंदी और 1 मुस्लिम बंदी छठ कर रहा है। मुस्लिम बंदी मो सुलेमान ने भी छठ व्रत किया है।और सभी बंदी विभिन अपराध में शामिल और अपनी सजा को काट रहे है। छठ महापर्व को लेकर हमने इनका पूरा ध्यान रखा है।
महिला के साथ साथ पुरुष भी बनते हैं व्रती
लोक आस्था के महा पर्व छठ में महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी बढ़-चढ़कर व्रत रखते हैं। मुजफ्फरपुर जिले के सभी प्रमुख नदी घाटों के साथ अन्य घाटों पर प्रशासन के द्वारा साफ सफाई किए गए थे, फिर शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। मुजफ्फरपुर के अखाड़ा घाट, आश्रम घाट सीढ़ी घाट चंदवारा घाट और सभी घाट पर आस्था का जनसैलाब देखने को मिला।
कल सुबह उगते सूर्य को दिया जायेगा अर्घ्य
छठ को लेकर सभी घाटों की सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ की टीम भी अलर्ट मोड पर रही। पुलिस भी शहर के सभी प्रमुख घाटों पर लगातार पेट्रोलिंग करती हुई नजर आई, ताकि किसी भी तरह का कोई हादसा नहीं हो। शहर के अखाड़ा घाट और चंदवारा घाट, आश्रम घाट और सीढ़ी घाट पर भी SDRF की टीम लगातार पेट्रोलिंग करती रही। प्रशासन की ओर से जिला कंट्रोल रूम बनाया गया था और पुलिस का भी घाटों पर भी नियंत्रण को लेकर जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई। लोक आस्था के महापर्व छठ के आज तीसरे दिन डूबते हुए सूरज को अर्थ दी गई और इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु घाटों पर उमड़े। अब सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी की जाएगी।