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BPSC Result: बिना कोचिंग क्लास के ही इन लोगों ने 67वीं फाइनल परीक्षा में हुए सफल, जानिए इनके बारे में

Sun, 29 Oct 2023 01:05 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

गोपाल कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया और कहा कि सफलता प्राप्त रखने के लिए धैर्य रखना जरूरी है। नगरीय सेवा उनकी पसंदीदा सेवा रही है और अब उन्हें अवसर भी प्राप्त हुआ है।
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श्रेया कुमारी (बाएं) और रोशन कुमार (दाएं) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं फाइनल परीक्षा के परिणाम में औरंगाबाद के दाउदनगर शहर की एक युवती समेत तीन स्टूडेंट्स ने सफलता हासिल की है। सफलता हासिल करने वालों में दाउदनगर शहर के बजाजा रोड निवासी श्रेया कुमारी, नीमा निवासी गोपाल कुमार एवं शहर के सिनेमा हॉल के पास के रहने वाले रौशन कुमार शामिल हैं। इन तीनों की सफलता पर पूरा शहर गौरवांवित है।

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श्रेया ने घर पर रहकर ही की तैयारी
भखरूआं-औरंगाबाद रोड निवासी कपड़ा व्यवसायी भुवनेश्वर प्रसाद गुप्ता एवं बाजार समिति प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका वीणा गुप्ता दंपत्ति की पुत्री श्रेया कुमारी को बीपीएससी में 631वां रैंक प्राप्त हुआ है। उनका चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर हुआ है। उसने डीएवी पब्लिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की है। इसके बाद महिला कॉलेज, दाउदनगर से 12वीं की। फिर एनआईटी, रायपुर से बीटेक किया। इसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी में लग गईं। वर्तमान में वह घर पर ही रहकर तैयारी कर रही थी। पहले प्रयास में ही उन्हें सफलता मिली। श्रेया ने कहा कि एक ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का भरपूर प्रयास करूंगी।

धैर्य से मिलती है सफलता
दाउदनगर प्रखंड के नीमा निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक कमला प्रसाद शर्मा एवं गृहिणी शारदा देवी दंपत्ति के पुत्र गोपाल कुमार को 258 वां रैंक प्राप्त हुआ है। उनका चयन नगर कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में हुआ है। चौथी कक्षा तक उन्होंने स्थानीय स्तर पर शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वें पटना में हॉस्टल में रहने लगे। आईआईटी निकाली। मैरिन इंजीनियरिंग भी किया। बीटेक भी किया। दो साल तक दिल्ली में सिविल इंजीनियर के रूप में नौकरी भी की। इस दौरान सिविल सर्विसेज की तैयारी में भी लगे रहे और अब उनका चयन बीपीएससी 67वीं में नगर कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर हुआ है। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि सफलता प्राप्त रखने के लिए धैर्य रखना जरूरी है। नगरीय सेवा उनकी पसंदीदा सेवा रही है और अब उन्हें अवसर भी प्राप्त हुआ है। 
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व्यवसायी पुत्र ने पाई सफलता
दाउदनगर शहर के सिनेमा हॉल के पास के निवासी किराना व्यवसायी दीनानाथ प्रसाद एवं गृहिणी कलावती देवी दंपत्ति के पुत्र रोशन कुमार ने भी बीपीएससी में सफलता प्राप्त की है। उनका भी चयन नगर कार्यपालक पदाधिकारी के पद के लिए हुआ है। उनका रैंक 761 है। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई ज्ञान गंगा इंटर स्कूल से की है। 12वीं विवेकानंद मिशन स्कूल से की। इसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद से घर पर रहकर ही तैयारी करते रहे। अब उन्हें सफलता प्राप्त मिली है। उन्होंने कहा कि नगर की सेवा उनकी दिली इच्छा रही है। शहर में पड़े कूड़े-कचरे को देखकर उनके मन में यह सवाल उठता रहता था कि आखिर कूड़ा-कचरा क्यों पड़ा हुआ है? अब जब वे नगर कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में योगदान देंगे तो सबसे पहले ध्यान शहर को साफ सुथरा रखने पर होगा।

बिना किसी कोचिंग क्लास की सहायता के हुए सफल
औरंगाबाद के नबीनगर के टंडवा थाना के पुरहारा निवासी पंकज कुमार ने 213वां रैंक लाया है। उन्होने यह सफलता बिना किसी कोचिंग क्लास की सहायता के अर्जित की है। पंकज नगर कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर चयनित हुए है। इसके पहले पंकज पूर्व रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन के पद से ट्रेन मैनेजर के पद पर प्रोन्नत होकर पिछले तीन माह से कोडरमा में कार्यरत थे। उनके पिता सुग्रीव प्रसाद मेहता पेशे से ग्रामीण चिकित्सक है। वही उनकी माता कांति देवी गृहिणी है। पंकज कुमार के एक भाई और एक बहन उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पंकज ने सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरूजनों को दिया है।सफलता पर पंकज के परिवार में खुशी का माहौल है।

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