नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)
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बिहार में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड नेताओं-समर्थकों के बीच ट्विटर पर ही भिड़ंत हो गई। शुक्रवार को तेजस्वी ने नीतीश सरकार को निशाने पर लेते हुए लिखा- नवमी के दिन दरभंगा के कंकाली मंदिर के मुख्य पुजारी राजीव झा की बदमाशों ने हत्या कर दी। बिहार में संरक्षित अपराध की गंगा बह रही है। रोजाना सैकड़ों हत्याएं होती हैं, लेकिन कोई जंगलराज नहीं बोलेगा, क्योंकि जदयू-भाजपा के राज में हेडलाइन मैनेजमेंट जो है।' तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
तेजस्वी की बात को आगे बढ़ाते हुए युवा राजद के प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने लिखा- बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इसलिए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बिहार में राक्षसराज कायम है।'
इसका जवाब देते हुए अखिलेश सिंह ने लिखा- नीतीश कुमार को तुरंत इस्तीफा देकर चारा चोर के बेटों को सत्ता सौंप देना चाहिए, क्यों यादव जी?? ख्वाब देखते रहिए।
एक यूजर राम अधलखा ने लिखा- जब घर में फूट पड़ती हो तो यही होता है, दूसरे फायदा उठाते हैं। दीपक शर्मा ने लिखा- तुम लोग का राज जनता ने देखा है, बड़ी मुश्किल से जान छुड़ाई है, नीतीश सरकार सही है, बिहार को वापस उस पुराने जंगलराज में मत ले जाओ। इस पर अखिलेश यादव ने लिखा- यह जंगलराज नहीं महाजंगलराज है इसलिए तो हाईकोर्ट ने भी कह दिया कि ये माइंडलेस सरकार है।
लालू प्रसाद की बेटी और तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्या ने तेजस्वी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा- अपराधियों के रहमोंकरम पर आम अवाम की जान है, जनता हो या पुजारी मातम की तस्वीरें चहुंओर है।