लोकसभा चुनाव को लेकर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आरा लोकसभा क्षेत्र में लोगों से बातचीत करने के लिए पहुंच चुका है। इस बार यह यह सीट भी काफी में चर्चा हैं। दो बार से सांसद और केंद्रीय मंत्री आरके सिंह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने 2014 में राजद प्रत्याशी भगवान सिंह कुशवाहा और 2019 में भाकपा माले के राजू यादव को हराया था। इस बार इंडी गठबंधन ने एक बार फिर से आरा लोकसभा सीट को लेकर भाकपा माले पर विश्वास जताया है। माले ने सुदामा प्रसाद को उम्मीदवार बताया है। इन दोनों प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।
चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई
इन सब के बीच जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पासचाय पर चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई। चाय की चुस्की के साथ आरा लोकसभा सीट के मतदाताओं ने इलाके में स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे स्टेशन में साफ-सफाई, जाम, रोजगार समेत कई मुद्दों पर बात की।
इन मुद्दों पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत
मतदाता ने कहा कि पिछले 10 साल में आरा में काफी विकास हुआ है। सड़कों का विकास हुआ। रेलवे का विकास हुआ। आज यहां कई ट्रेनें आकर रुकती हैं। वहीं दूसरे मतदाता ने कहा कि आरा की जनता की मांग पूरी होते हुए नजर नहीं आ रही है। आरा रेलवे स्टेशन पर गंदगी का अंबार लगा हुआ। सदर अस्पताल की स्थिति काफी दयनीय थी। शाहाबाद को प्रमंडल बनाने की मांग थी। इसका मुख्यालय आरा रखने की मांग कई सालों से चली आ रही है। यहां किसानों की हालत खराब है। नहरों का पक्कीकरण कराना काफी जरूरी है। खेती-किसानी पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।