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Bihar News : डेढ़ सौ किलोमीटर से पीछा कर राजधानी में गैंगस्टर को भूना, शूटर ने ली जिम्मेदारी, पत्र किया वायरल

Fri, 16 Aug 2024 08:13 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी / पटना

सार

Bihar : अपराधियों ने मुरकटवा के नाम से विख्यात एक कुख्यात गैंगस्टर को गोलियों से भून दिया। एक शूटर ने हत्या की जिम्मेदारी भी ली और इसकी वजह भी बताई। उसने कहा कि डेढ़ सौ किलोमीटर से पीछा करने के बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया है। जानिए कैसा था खूंखार।
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मृतक का प्रोफाइल फोटो और वायरल पत्र - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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डेढ़ सौ किलोमीटर से पीछा करते हुए तीन जिले को पार कर अपराधी पटना पहुंचे और दिनदहाड़े हत्या की घटना को अंजाम दिया है। यह घटना दानापुर के सगुना मोड़ के पास हुई है। मृतक की पहचान सीतामढ़ी के कुख्यात अपराधी डुमरा थाना के विश्वनाथपुर का रहने वाले राम कुमार उर्फ रामजी राय के रूप में की गई है। पुलिस का कहना है कि अपराधी सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले को पार कर पटना में आकर घटना को अंजाम दिया था। इसकी हत्या की जिम्मेवारी संतोष झा गैंग के राइट हैंड रहे गैंगस्टर विकास झा उर्फ कालिया गैंग के सदस्यों ने उठाई है। इस संबंध में फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विक्रम सियाग का कहना है कि सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। लेकिन, विकास झा कालिया गैंग के द्वारा लेटर जारी कर इस हत्या की जिम्मेवारी उठाई गई है। रामजी राय इन दिनों ठेकेदारी कर रहा था।

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क्या लिखा है कागज़ पर 
इस हत्याकांड के बाद कुख्यात संतोष झा गिरोह में शूटर रह चुके विकास झा ने इस मर्डर की जिम्मेदारी ली है। विकास झा गैंग की ओर से सोशल मीडिया पर एक नोट वायरल हो रहा है। इसमें लिखा हुआ है कि मैं प्रवक्ता राजा आप सभी मीडिया को सूचित करता हूं कि 16 अगस्त को पटना के फोर्ड सर्विस सेंटर के पास अपराधी राम कुमार की हत्या हुई थी।उस हत्या की जिम्मेदारी मैं लेता हूं। प्रवक्ता ने आगे लिखा है कि सीतामढ़ी डुमरा कल्याण पदाधिकारी की हत्या और आम लोगों के बीच दहशत को खत्म करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया है।
 

राजनीति में होना चाहता था शामिल - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
पूर्व मंत्री के घर के पास दिया घटना को अंजाम 
घटना के संबंध में फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विक्रम सियाग का कहना है कि एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है। शुक्रवार की शाम पूर्व मंत्री इलियास हुसैन के घर के पास दिन दहाड़े रामजी को कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि रामजी राय सगुना मोड़ से रूपसपुर की ओर जा रहा था। सर्विस लेन में पूर्व मंत्री इलियास हुसैन के घर के गेट के पास बाइक सवार रामजी को पहले रुकवाया और फिर अपराधियों ने पिस्तौल निकाल कर कनपटी में तीन गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। 

अब राजनीति में शामिल होना चाहता था 
 रामजी राय पर दर्जनों हत्या, रंगदारी और लूट के मामले दर्ज हैं। इस पर सबसे बड़ा मामला पटना के रहने वाले कल्याण पदाधिकारी की हत्या का है। इसमें वह मुख्य आरोपी था। इससे पूर्व भी वह कई बड़े आपराधिक घटना को अंजाम दे चुका था। 22 जनवरी को उसने शादी की थी और लगातार अपराध की दुनिया से अलग हटकर ठेकेदारी कर रहा था। हाल के दिनों में रामजी राय राजनीतिक क्षेत्र में भी अपनी रुचि दिखा रहा था। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर बीते लोकसभा चुनाव में जदयू के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के साथ भी देखी गई थी।

मुर कटवा के नाम से हुआ था चर्चित  
कुख्यात अपराधी संतोष झा के बाद पुलिस के हिट लिस्ट में दूसरे नंबर पर शामिल रह चुके रामजी राय पर हत्या और अपहरण के कुल 12 संगीन मामले दर्ज हैं। राम जी राय अपराध की दुनिया में समय-समय पर अलग-अलग नाम से जाना जाता रहा है। साल 2008 में चाइल्ड किलर के नाम से अपराध की दुनिया में प्रवेश करने वाले रामजी की दरिंदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसने साइड नहीं देने पर ओवर टेक कर दो आम लोगों की गोली मार कर उनकी खोपड़ी उड़ा दी थी। उसके बाद उसे मुर कटवा नाम दिया गया था।

अपहरण कर हत्या के भी हैं कई मामले 
रामजी के आपराधिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो साल 2008 में उसने डुमरा थाना क्षेत्र के सीमरा गांव निवासी भोला साह के नाती का अपहरण कर लिया था। फिरौती की रकम नहीं मिलने पर गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी थी। उसके बाद रसलपुर गांव निवासी राजीव कुमार और खुशबू देवी के बेटे अमनदीप का अपहरण किया। फिरौती की रकम नहीं मिलने पर उसकी भी हत्या कर दी। दोनों की हत्या करने के बाद शव को दफना दिया था। बाद में अमनदीप के पिता राजीव की भी हत्या कर दी गयी। हत्या के मामला में वह पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद साल 2012 में जेल से बाहर आया।
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शादी के बाद करने लगा ठेकेदारी - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
चौकीदार और भोजपुरी फिल्म अभिनेता के पिता की भी हत्या की 
कुछ दिनों तक सामान्य जीवन व्यतीत करने के बाद प्रेमनगर पंचायत के मुखिया पति युगल किशोर प्रसाद पर जानलेवा हमले के मामला में सामने आया। रामकुमार राय उर्फ रामजी राय ने साल 2013 में डीएसपी कार्यालय में तैनात एक चौकीदार की हत्या 60 हजार की सुपारी लेकर कर दी थी। इस मामले में भी वह दो साल जेल के अंदर रहा और 2015 में जमानत पर छूटा। जेल से छूटने के बाद ही उसने 2015 में सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र से भोजपुरी फिल्म अभिनेता के पिता राजीव की भी हत्या कर दी गयी।

फिल्म अभिनेता के अपहरण और सोमल की हत्या में था आरोपी 
जेल से छूटने के बाद ही उसने 2015 में सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र से भोजपुरी फिल्म अभिनेता इरफान का अपहरण कर लिया। हालांकि अभिनेता इरफान अपनी सूझ-बूझ से अपहरणकर्ताओं की चंगुल से छूट कर फरार हो गया। साल 2016 में सोमल की हत्या में भी उसका नाम सामने आया था।

जिला कल्याण पदाधिकारी की हत्या में था मुख्य आरोपी 
जानकारी के मुताबिक़ डुमरा थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी-भवप्रसाद के बीच 31 मई 2018 की शाम करीब साढ़े छह बजे टहलने निकले जिला कल्याण पदाधिकारी शुभ नारायण दत्त की अपने अन्य साथियों के साथ गोली मार हत्या कर दी थी। जहां रात आठ बजे जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर शव की पहचान जिला कल्याण पदाधिकारी दत्त के रूप की गई। दत्त मूल रूप से मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाने के मानापट्टी हाथापुर के रहने वाले थे। उनका परिवार पटना के दीघा रेलवे कॉलोनी अवधपुरी में रहता है। नवंबर 2017 में उनकी तैनाती सीतामढ़ी में जिला कल्याण पदाधिकारी के पद पर हुई थी।

शादी के बाद करने लगा था ठेकेदारी 
जिला कल्याण पदाधिकारी शुभ नारायण दत्त की हत्या कांड के बाद रामजी राय जेल में बंद था। इस दौरान वह अपने परिवार के सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारा था। इसके बाद लोक सभा चुनाव में देवेश चंद्र ठाकुर के लिए वोट मांग रहा था। इसी वर्ष 22 जनवरी को उसकी शादी हुई थी। शादी में बड़े बड़े नेता और ठेकेदार शामिल हुए थे। जेल से निकलने के बाद रामजी अपराध की दुनिया को छोड़कर ठेकेदारी कर रहा था और राजनीतिक क्षेत्र में रुचि दिखा रहा था।



        
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