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Bihar News : बिहार के इस अस्पताल में मचा हड़कंप, 25 डॉक्टर समेत 79 स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन पर लगी रोक

Sun, 03 Mar 2024 12:40 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर

सार

Bihar : सदर अस्पताल में अचानक हड़कंप मच गया। कई चिकित्सकों और कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। उन्हें कहा गया है कि तीन दिन के अंदर जवाब दें वर्ना उनपर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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सदर अस्पताल समस्तीपुर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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समस्तीपुर के सदर अस्पताल में पदस्थापित 25 डॉक्टर समेत 79 स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन पर स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय अपर निर्देश ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। आरडीडी के इस आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गया है। इस संबंध में स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि 27 फरवरी को आरडीडी ने अपने अधिकारियों के साथ सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस औचक निरीक्षण में कई चिकित्सक गायब मिले। इसके साथ ही अनियमितता भी पाई गई। आरडीडी ने अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक  को सभी डॉक्टर और कर्मियों से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।

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सदर अस्पताल समस्तीपुर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
इस वजह से हुई कार्रवाई
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि जब आरडीडी डॉ योगेंद्र महतो अचानक सदर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो ओपीडी के लगभग सभी विभागों में डॉक्टर मिले। वहां मरीजों को भी देखा गया था। लेकिन जब टीम सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में पहुंची तो वहां कोई भी कर्मी मौजूद नहीं था। मास्टर पंजी का निरीक्षण किया गया तो वहां मरीजों की संख्या पेंसिल से लिखी गई थी। यानी इसे बाद में जोड़ा और बदला जाता। लेकिन जब टीम ने उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया तो सभी चौंक गए। रजिस्टर में डॉ पीडी शर्मा का 21 फरवरी से 27 फरवरी तक हाजिरी नहीं बनी हुई थी। इसी तरह डॉ आदिति प्रियदशर्नी का 23 फरवरी से 27 तक,डॉ निर्मल कुमार चौधरी का 23 से 27 फरवरी तक, डॉ मंजुला भगत 17 से 27 तक,डॉ फरमुद आलम का 25 से 27, डज्ञॅ नवनीता कुमार का 25 से 27,डॉ संतोष कुमार, डॉ राजेश व डॉ उत्सव कुमार का 27 फरवरी की हाजिरी नहीं बनी थी। इस तहत कुछ 27 डॉक्टर के अलावा 10 परिचारी, दो जेनरेटर चालक, 4 एलटी, 20 एग्रेड नर्स , 4 जेएनएम, दो  एएनएम, एक लेखापाल,नेत्र सहायक,ओटी असिस्टेंट, दो डाटा ऑरेटर, दो डी फर्मा, फिजियोलॉजिस्ट  शामिल है। जांच के दौरान पता चला कि इन लोगों को लंबे समय से हाजिरी रजिस्टर में साइन नहीं किया है। चर्चा यह भी है कि अधिकतर डॉक्टर अपने-अपने क्लीनिक में समय ज्यादा देते हैं। जिस कारण सदर अस्पताल नहीं आ पाते। कुछ डॉक्टर का तो सदर अस्पताल के करीब ही हॉस्पिटल बना हुआ है।

एक साथ बना लेते हैं हाजिरी
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि अधिकतर डॉक्टर सदर अस्पताल के बदले अपने क्लीनिक पर ज्यादा समय देते हैं और महीने में एक बार सभी हाजिरी बना लेते हैं। आरडीडी द्वारा अब वेतन रोके जाने के बाद ऐसे डॉक्टर व कर्मियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

क्या कहा अस्पताल उपाधीक्षक ने 
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ गिरीश कुमार ने बताया कि आरडीडी का पत्र मिला है। निर्देशानुसार सभी डॉक्टर और कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई  है।
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