सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों मंटू तिवारी और पूर्व विधायक शुक्ला को 15 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा। हालांकि पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत छह अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें बरी करने के फैसले को बरकरार रखा।
लोकसभा की कार्यवाही तक चला चुकीं तीन बार की सांसद और अब भाजपा की पूर्व सांसद रमा देवी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह अपने पति बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से राजद नेता मुन्ना शुक्ला को उम्रकैद दिए जाने पर कह रही हैं कि यह गृह मंत्री अमित शाह के प्रेशर के कारण ही हो सका है। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के लोकसभा में वैशाली से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी रहे मुन्ना शुक्ला समेत दो आरोपियों को पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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लालू ने मुख्यमंत्री बनने के लिए ऐसा करवाया था
रमा देवी इससे पहले राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को लेकर अपने बड़े बयान से चर्चा में आई थीं। तब उन्होंने कहा था कि लालू ने मुख्यमंत्री बनने के लिए उनके पति की हत्या करवा दी थी। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्वेद विज्ञान संस्थान के पास 1998 में पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या हुई थी। इस मामले में निचली अदालत ने बाहुबली मुन्ना शुक्ला, सूरजभान समेत छह आरोपियों को दोषी माना था, हालांकि पटना हाई कोर्ट ने साक्ष्य का अभाव बताकर इन सभी आरोपियों की सजा के फैसले को गलत बताते हुए बरी कर दिया था। इसके बाद सीबीआई और रमा देवी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसपर इसी हफ्ते फैसला आया है।
15 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों मंटू तिवारी और पूर्व विधायक शुक्ला को 15 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत छह अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें बरी करने के फैसले को बरकरार रखा। पीठ ने कहा कि मंटू और विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोप साबित होते। उन्हें 15 दिनों के अंदर आत्मसमर्पण करना होगा।