बिहार में चाचा और भतीजा के बीच सुलह हो गई है। इतना ही नहीं चाचा ने भतीजे की पार्टी के उम्मीदवार को अपना वोट भी दे दिया है। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि खुद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के चाचा और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस कह रहे हैं। शुक्रवार को पत्रकारों को बातचीत करते हुए पशुपति पारस ने कहा कि हमलोग राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में हैं। हमलोगों ने उनके प्रत्याशी को वोट भी दिया है। स्याही लगी उंगली दिखाते हुए उन्होंने कहा कि देख लीजिए हमलोगों ने वोट दिया है या नहीं। जब पारस से हाजीपुर में चिराग पासवान के नामांकन के समय उनकी अनुपस्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधा जवाब दिया कि बुलाया नहीं गया था। उन्होंने कहा- "मैं पटना हवाईअड्डे से केवल कुछ सौ मीटर की दूरी पर रहता हूं, जहां से चिराग लगभग हर दिन अपना हेलीकॉप्टर पकड़ने जाते हैं। मैं उनसे उम्र में बड़ा हूं, चाचा हूं, लेकिन उन्होंने कभी भी आकर मेरा आशीर्वाद लेने की जहमत नहीं उठाई।
बिहार में हमलोग 40 के 40 सीट जीतने जा रहे हैं
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति पारस के साथ उनके भतीजे प्रिंस राज भी थे। उन्होंने कहा कि हमलोगों एनडीए का अहम हिस्सा हैं। एनडीए के प्रत्याशी जहां भी हैं, वहां हमलोग जा रहे हैं। आज हमलोगों का दरभंगा में कार्यक्रम है। हमलोगों एनडीए प्रत्याशी को जिताने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। बिहार में हमलोग 40 के 40 सीट जीतने जा रहे हैं। आराम से हमलोग 400 का आंकड़ा पारस कर जाएंगे।
चिराग की पार्टी के लोग विरोध कर रहे हैं
चिराग पासवान के सवाल पर प्रिंस राज ने कहा कि यह अनुभव जो उनको मिल रहा है कि उनका टिकट बांटने का तरीका जो था और मीडिया में जिस तरह से टिकट बेचने पर सवाल उठाया। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद 22 लोगों ने इस्तीफा दिया। उन्हीं (चिराग पासवान) की पार्टी के लोग ही विरोध कर रहे हैं। हमारी पार्टी के लोग उनका विरोध नहीं कर रहे हैं। हमलोग गठबंधन धर्म का पालन कर रहे हैं। एनडीए प्रत्याशी जहां भी हैं, वहां हमलोग प्रचार कर रहे हैं। हमलोगों ने खगड़िया में भी मजबूती से प्रचार प्रसार किया है।