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Bihar News : देश के जाने-माने सर्जन पद्मश्री डॉ. नरेंद्र प्रसाद का निधन; बिहार में शोक की लहर, नीतीश भी दु:खी

Wed, 01 May 2024 04:16 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Dr. Narendra Prasad Passed Away : पद्मश्री से सम्मानित देश के जाने-माने सर्जन डॉ. नरेंद्र का बुधवार को निधन हो गया। देशभर के चिकित्सक उनके निधन की सूचना पर शोक संदेश भेज रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके निधन से दु:खी हैं।
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डॉ. नरेंद्र प्रसाद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पद्मश्री से सम्मानित देश के जाने-माने सर्जन डॉ. नरेंद्र प्रसाद का बुधवार को निधन हो गया। देशभर के चिकित्सक उनके निधन की सूचना पर शोक संदेश भेज रहे हैं। उनके भतीजे प्रसिद्ध फिजिशियन डॉ दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि 91 वर्ष की आयु में पटना स्थित अपने आवास पर ही अंतिम सांस ली। उनके सुपुत्र डॉ आलोक अभिजीत प्रसिद्ध लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं। बिहार के फेमस वरीय सर्जन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि पूरे देश में डॉ. नरेंद्र प्रसाद जैसे विद्वान सर्जन बहुत कम हुए। मेडिकल कॉउसिल के मेंबर थे। बिहार मेडिकल कॉउसिंल के अध्यक्ष रहे। बिहार आईएमए के प्रेसिडेंट रहे। उनके तरह का सर्जन होना काफी मुश्किल था। 

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डॉ. नरेंद्र जैसा व्यक्तित्व शायद ही कोई ला पाएं
डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रख्यात सर्जन डॉ. नरेंद्र प्रसाद के निधन से चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मैंने पढ़ाई के दौरान उनका नाम सुना था। उनके अंदर काम करने का मौका एक सपने के सच होने जैसा था। इतने ख्याति प्राप्त होने के बावजूद वह काफी साधारत थे। सर्जरी में उनका कोई सानी था। मैं उनसे ही सर्जरी सीखी। हार्नियोग्राफी और किडनी से पथरी निकालने की कला में मैंने उनसे ही सीखी। सर्जन को पहले भी हुए और आगे भी होंगे लेकिन डॉ. नरेंद्र जैसा व्यक्तित्व शायद ही कोई ला पाएं। पूरे देश में ऐसा कोई सर्जन नहीं, जो उनके नाम से परिचित नहीं हो।

बिहार ही नहीं पूरे देश को क्षति हुई है
डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा पटना मेडिकल कॉलेज में जब वह शिक्षक थे, तब सबसे ज्यादा अनुशासन सर्जरी विभाग में था। किसी छात्र की गलती पर वहीं उसे टोक देते थे। डॉक्टरों की गिरती साख पर अक्सर चिंता करते थे। वह ठीक सुबह नौ बजे पीएमसीएच पहुंच जाते थे। वह कहते थे कि भगवान के बाद जीवन देने का सौभाग्य इस पृथ्वी पर केवल डॉक्टरों को ही मिला है। ऐस में भगवान नहीं तो डॉक्टरों के कर्तव्यों को जरूर निभाना चाहिए। आज उनके जाने के बाद बिहार ही नहीं पूरे देश को क्षति हुई है। हमेशा 

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