मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सफाई व्यवस्था देख प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार भड़क गए। वे शनिवार देर शाम मेडिकल काॅलेज परिसर का औचक निरीक्षण कर रहे थे। वहीं मंत्री के जाने के बाद डीएम तरनजोत सिंह ने कुव्यवस्था पर अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई।
डॉक्टरों और प्रबंधक पर भड़के
मेडिकल काॅलेज की लगातार मिल रही शिकायत पर अचानक जिला के प्रभारी मंत्री अपनी पूरी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंच गए। वहां की व्यवस्था देखकर मंत्री भड़का गये। निरीक्षण के क्रम में मंत्री ने मरीजों से बातचीत की। वहां एक मरीज को पुर्जा पर डॉक्टर ने एक दवाई बाहर से लिखी। यह देखकर मंत्री ने निरीक्षण के क्रम में डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री ने डॉक्टरों को बाहर से दवाएं मंगवाने पर मेडिकल कालेज से बाहर कर देने की चेतावनी दी। मंत्री ने इमरजेंसी के अलावे एक-एक कर ओपीडी वार्ड का निरीक्षण किया। मंत्री ने डॉक्टरों को चेतावनी देते हुए कहा कि बाहर से दवा नहीं लिखी जाएगी। मेडिकल कॉलेज में दवा व इंजेक्शन का स्टॉक पर्याप्त है। इसके बाद भी दवाएं व इंजेक्शन बाहर से मंगवाए गए तो संबंधित डॉक्टर की संविदा समाप्त कर बाहर कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री में भर्ती मरीजों से बातचीत की। बाहर से दवाएं मंगवाने के बारे में जानकारी ली। इस बीच एक मरीज ने बाहर की दवा व इंजेक्शन के बारे शिकायत की। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, सदर एसडीएम संतोष कुमार के अलावे अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इससे पहले प्रभारी मंत्री के औचक निरीक्षण को लेकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। मेडिकल काॅलेज में कई डॉक्टर उपस्थित नहीं थे। मंत्री ने मौजूद पदाधिकारी से भी पूछताछ की, लेकिन अनुपस्थित डॉक्टर को लेकर उनके पास कोई जवाब नहीं मिला। मेडिकल काॅलेज में करीब आधा घंटा तक रहे मंत्री ने बीमार मरीजों व उनके परिजनों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर बात की।
अस्पताल के बदले मेडिकल काॅलेज पहुंच गए मंत्री
मधेपुरा में आज 20 सूत्री बैठक की थी। बैठक के बाद मंत्री का सदर अस्पताल में निरीक्षण करने का कार्यक्रम पूर्व से निर्धारित था। लेकिन मेडिकल कॉलेज की कुव्यवस्था को लेकर सिविल सोसाइटी सहित अन्य की शिकायत को मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए मेडिकल काॅलेज का निरीक्षण करने पहुंच गए।