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Bihar News : गैस से कई मौतों की खबर फैली, मगर हकीकत; बड़ाम आवाज के साथ उजला धुआं फैला, फिर सांस टूटने लगी

Mon, 26 Jun 2023 05:00 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

बिहार में एक डेयरी फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में एक की मौत हो गई जबकि कई अस्पताल में इलाजरत हैं। इस मामले पर "अमर उजाला" ने घटनास्थल का पड़ताल किया जिसमें फैक्ट्री के लोगों और आसपास रहने वालों ने जो कुछ कहा, वह बिलकुल अलग-अलग बातें थी।
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राज फ्रेश डेयरी कम्पनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के वैशाली में शनिवार की रात एक डेयरी फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में एक की मौत हो गई जबकि कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले पर "अमर उजाला" ने घटनास्थल का पड़ताल किया जिसमें फैक्ट्री के पदाधिकारियों ने कहा कि गैस रिसाव हुआ था जबकि वहां आसपास के फैक्ट्रियों में काम करने वाले और आसपास रहने वाले लोगों ने जो कुछ कहा, वह बिलकुल अलग बातें थी। 
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एक किलोमीटर दूर तक रहा असर 
राजपूत कॉलनी निवासी कमला देवी का कहना है कि घटनास्थल से हमारा घर करीब एक किलोमीटर दूर है। रात में मेरी बेटी साक्षी खाना खाकर अब सोने जा रही थी तभी अचानक इसकी हालत बहुत खराब हो गई। आनन फानन में हमलोगों ने घर का इलाज करते हुए इसे अस्पताल में भर्ती कराये। अभी ठीक है।

बेचैन होकर मां और बेटी हुई बेहोश 
घटना के संबंध में प्रमिला देवी ने बताया कि शनिवार की रात करीब 10-10.30 बज रहे थे। तभी अचानक जोर की आवाज हुई। जैसे ही मैं बाहर निकली आंख जलने लगा और घुटन महसूस होने लगी। इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती मैं बेहोश हो गई। जब होश आया तब मैं अपनी सात वर्षीय बेटी खुशबु के साथ अस्पताल में थी। सुबह के 3 बजे मैं अस्पताल से लौटी हूं। वहीं औद्योगिक थाना के पास रहने वाली अशर्फी देवी का कहना है कि रात में तेज गंध लगा था। मन घुमने लगा लेकिन वैसा कुछ हुआ नहीं। पासवान चौक निवासी नीलम देवी ने कहा कि गैस की गंध मिली थी।
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टायर फटने जैसी हुई थी आवाज 
राज फ्रेश कम्पनी से सौ मीटर की दूरी में स्थित पाइप फैक्ट्री के लोगों का कहना है कि जोर का धमाका हुआ, ऐसा लगा कि टायर फटा है यह कहें कि उससे भी अधिक आवाज होने पर हमलोग जैसे ही बाहर निकलने लगे, अचानक लगा कि आंख में किसी ने मिर्ची डाल दी हो। फिर सांस थमने सी लगी, ऐसा लगा कि दम घुंट रहा है। हमलोग अपनी अपनी जान बचाने के लिए छत की ओर भागे लेकिन सांस खिंच नहीं पा रहे थे। छत पर हमने देखा कि तेज धमाका होने के बाद हर तरफ धुंआ ही धुंआ है। बेचैन होकर हमारे फैक्ट्री के पांच लोग अपनी जान बचाने के लिए छत से छलांग लगा दिए जिसमें पांचो के पांव टूट गए।

इन लोगों ने बताया कैसी थी बेचैनी 
घटना के संबंध में अमर उजाला ने कई लोगों से बात किया जिसमें लोगों ने बताया कि उस समय कैसा मंजर था। इस संबंध में सन्नी कुमार, रंजित महतो,सुबोध दास, पप्पू पासवान, शत्रुधन पासवान, मोहम्मद औरंगजेब ने बताया कि ऐसा लग रहा था कि अब आज जिन्दगी समाप्त हो जाएगी लेकिन इश्वर की कृपा से जान बच गई।
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