अस्पताल में इलाजरत बच्चे
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फलेरिया की दवा खाते ही बीमार हुए बच्चे
बच्चों के परिजनों का कहना है कि बच्चों को फलेरिया की दवा खिलाई गई थी। दवा खाते ही बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते स्कूल में लगातार दर्जनों बच्चे एक साथ उल्टी करने लगे, जिसके बाद स्कूल में अफरातफरी का माहौल हो गया। सदर अस्पताल में बीमार बच्चों को भर्ती कराया गया है, जिनकी संख्या 39 है और पांच बच्चों को कोइलवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। सदर अस्पताल में बच्चो के साथ परिजनों के बीच चीख-पुकार मची रही। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन, सदर अस्पताल उपाधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक शशिकांत सदर अस्पताल में पहुंच बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने में जुट गए। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी अहसन भी सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल-समाचार लिया।
सिविल सर्जन ने कहा - खाली पेट खिलाई गई दवा
दवा खाने से बीमार बच्चों का इलाज करवा रहे सिविल सर्जन शिवेंद्र सिन्हा ने बताया कि जानकारी मिली कि दर्जनों बच्चे बीमार हुए तो मैं सदर अस्पताल पहुंचा और खुद अपनी निगरानी में इलाज करवा रहा हूं। बीमारी का कारण बताते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि फलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सभी सरकारी विद्यालयों में 2 साल से ऊपर के बच्चों को दवा खिलाया जा रहा है, लेकिन यहां बिना खाना खिलाये बचों को खाली पेट दवा खिला दिया गया। इसी वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई है। उन्होंने कहा कि परिजनों को परेशान होने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। सब कुछ नियंत्रण में है। अब बच्चे ठीक होने लगे हैं, बस कुछ ही देर में यहां से बच्चों को छोड़ भी दिया जायेगा।
अस्पताल में हो रहा बच्चों का इलाज
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गलती किसी भी हो मैं जांच करवाऊंगा
इस मामले में सदर अस्पताल पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी अहसन ने बताया कि फलेरिया की दवा खाने से बच्चे बीमार हुए हैं। अब सभी बच्चे सुरक्षित हैं। डॉक्टरों की टीम की मौजूदगी में सदर अस्पताल में सबका इलाज करवाया जा रहा है। सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि यह स्कूल प्रशासन की लापरवाही है या किसकी गलती है मैं इसकी जांच करवाऊंगा।