फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: जहरीली शराब कांड पर लालू-तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर बोला हमला, कह- महात्मा बनने का ढोंग कर रहे सीएम

Sun, 20 Oct 2024 01:25 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

नेता प्रतिपक्ष  तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार के हर चौक-चौराहे पर शराब की दुकानें खुलवाने वाले तथा शराबबंदी के नाम पर जहरीली शराब से हजारों जाने लेने वाले मुख्यमंत्री अब महात्मा बनने का ढोंग कर रहे हैं।
विज्ञापन
लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सारण और सीवान में हुए जहरीली शराब कांड पर सियासत जारी है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला। रविवार को उन्होंने कहा कि यह अत्यंत ही दुखद है। बिहार में पूरी तरह से शराबबंदी लागू कराने में सरकार अप्रभावी है। सारण और सीवन में जिन लोगों की जान शराब के कारण गईं, वह दुखद है। बिहार में जहरीली शराब त्रासदी दर्जनों लोगों की जान ले ली। 

विज्ञापन


क्या सीएम नीतीश मेरे इन तथ्यों को झुठला सकते है? 
वहीं तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार के हर चौक-चौराहे पर शराब की दुकानें खुलवाने वाले तथा शराबबंदी के नाम पर जहरीली शराब से हजारों जाने लेने वाले मुख्यमंत्री अब महात्मा बनने का ढोंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शुरू के 10 वर्षों में बिहार में शराब की खपत बढ़ाने के हर उपाय किए और अब अवैध शराब बिकवाने के हर उपाय कर रहे है। 𝟓𝟖 साल में बिहार में हर साल औसतन 𝟓𝟏 दुकानें खोली गईं, लेकिन  𝟐𝟎𝟎𝟓-𝟏𝟓 के 𝟏𝟎 साल नीतीश राज में हर साल औसतन 𝟑𝟎𝟎 दुकानें खुलीं। क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मेरे इन तथ्यों को झुठला सकते है? 

  • 𝟐𝟎𝟎𝟒-𝟎𝟓 में बिहार के ग्रामीण इलाकों में 𝟓𝟎𝟎 से भी कम शराब की दुकानें थीं, लेकिन 𝟐𝟎𝟏𝟒-𝟏𝟓 में उनके शासन में यह बढ़कर 𝟐,𝟑𝟔𝟎 हो गई।
  • 𝟐𝟎𝟎𝟒-𝟎𝟓 में पूरे बिहार में लगभग 𝟑𝟎𝟎𝟎 शराब की दुकानें थीं जो 𝟐𝟎𝟏𝟒-𝟏𝟓 में बढ़कर 𝟔𝟎𝟎𝟎 से अधिक हो गईं।
  • 𝟏𝟗𝟒𝟕 से 𝟐𝟎𝟎𝟓 यानि 𝟓𝟖 साल में बिहार में सिर्फ 𝟑𝟎𝟎𝟎 दुकानें ही खुलीं लेकिन 𝟐𝟎𝟎𝟓 से लेकर 𝟐𝟎𝟏𝟓 तक नीतीश जी ने 𝟏𝟎 साल में इसे दोगुना कर 𝟔𝟎𝟎𝟎 कर दिया। 

बिहार में महाराष्ट्र से ज्यादा लोग शराब पी रहे लोग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (𝐍𝐇𝐅𝐒) की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में शराबबंदी होने के बावजूद बिहार में महाराष्ट्र से ज्यादा लोग शराब पी रहे हैं। वर्तमान बिहार में 𝟏𝟓.𝟓 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं। वहीं, इसकी तुलना में महाराष्ट्र, जहां शराबबंदी नहीं है, वहां शराब पीने वाले पुरुषों का प्रतिशत महज 𝟏𝟑.𝟗 है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में 𝟏𝟓.𝟖 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 𝟏𝟒 प्रतिशत लोग शराब पीते हैं, फिर भी नीतीश जी अनुसार बिहार में शराबबंदी लागू है, क्या मजाक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें