Bihar : किसी भी मामले का निबटारा न्यायालय में होता है, जिसका फैसला जज करते हैं। ऐसा कभी-कभी होता है, जब खुद जज को जेल के अंदर जाकर किसी कैदी को फैसला सुनाते हैं।
किसी भी मामले पर फैसला न्यायालय में किया जाता है और जज उस मामले पर अपना फैसला सुनाते हैं। लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें जज एक मामले पर केस की सुनवाई करने जेल के अंदर जायेंगे। मामला बेउर जेल का है, जहां वह अजय कानू केस की सुनवाई करेंगे। यह सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छेदी राम के द्वारा किया जायेगा
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जानिए कौन है अजय कानू
कैदी अजय कुमार उर्फ अजय कानू उर्फ रवि कई नामों से जाना जाता है। अजय कानू जहानाबाद जिले के जोन्ह गांव का रहने वाला कुख्यात नक्सली है। ग्रामीणों का कहना है कि कि उसके पिता की हत्या हो गई थी, जिसके बाद पिता के हत्यारों से बदला लेने के लिए वह नक्सली संगठन में शामिल हो गया। 2002 में पुलिस ने अजय कानू को गिरफ्तार कर उसे जहानाबाद जेल भेज दिया। 2005 में जहानाबाद जेल पर नक्सली हमला हुआ, जिसमें उसके नक्सली साथियों ने अन्य नक्सलियों सहित अजय कानू को लेकर फरार हो गये थे। पुलिस ने अजय कुमार उर्फ अजय कानू उर्फ रवि को 2007 में झारखंड से गिरफ्तार कर लिया। 2021 में अजय कानू को भागलपुर जेल भेज दिया।